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दिल्ली दंगों पर चर्चा की मांग पर लोकसभा 3 बार स्थगित हुई

नई दिल्ली। लोकसभा मंगलवार को तीन बार स्थगित हुई। ऐसा विपक्षी सदस्यों के नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर दिल्ली में हुए दंगों पर चर्चा पर अड़े रहने के कारण हुआ। इन दंगों में 46 लोगों की जान गई और 260 से ज्यादा लोग घायल हैं। विपक्षी सदस्य सरकार द्वारा होली के एक दिन बाद 11 मार्च को इस मुद्दे पर चर्चा पर सहमति जताने के बाद भी अड़े रहे। सदन तीसरी बार जब अपराह्न् दो बजे शुरू हुआ तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि उन्होंने सरकार व विपक्षी सांसदों के साथ चर्चा की और सरकार दिल्ली दंगों पर होली के एक दिन बाद 11 मार्च को चर्चा कराने पर सहमत है।

हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारा लगाना जारी रखा और दिल्ली दंगों पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी व सदन में हंगामा करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन पटल पर रखे बैंकिंग रेग्युलेशन (अमेंडमेंट) बिल 2020 पर बोलती रहीं। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा, आप लोगों ने चर्चा की मांग की है और सरकार इस पर होली बाद चर्चा को सहमत है। इसलिए अपनी सीट पर जाएं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा में भाग लें।

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हालांकि, विपक्षी सदस्य सदन में नारे लगाते रहे, जिसके बाद अध्यक्ष ने सदन को तीसरी बार स्थगित कर दिया। इससे पहले सदन को दूसरी बार स्थगित किया गया। ऐसा सदन के एकत्र होने के चार मिनट बाद किया गया। विपक्ष लोकसभा में दिल्ली दंगों पर चर्चा की मांग को लेकर अड़ा रहा। इससे पहले दिन में बिड़ला ने सदन दोपहर तक के लिए स्थगित किया था। ऐसा विपक्ष द्वारा तख्तियों के सदन के अंदर लाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन व दिल्ली दंगों पर चर्चा के मुद्दे को उठाने पर किया गया।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी व द्रमुक नेताओं ने हिंसा पर चर्चा की मांग को उठाना शुरू किया। शोरगुल के बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने सोमवार के बयान को दोहराया और कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और अगर विपक्ष हिंसा के मुद्दे को उठाना चाहता है तो वह इसे शून्यकाल के दौरान उठा सकता है, सरकार को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने सदन में हंगामा जारी रखा, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला को हस्तक्षेप करना पड़ा।

विपक्षी सदस्यों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, सदन में जो बीते रोज हुआ उसके बाद किसी को तख्तियां व बैनर लाने की अनुमति नहीं है। हालांकि, जब विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते रहे तो लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, क्या आप सदन को तख्तियां व बैनर से चलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, क्या यह तरीका है? क्या आप सदन को इस तरह चलाना चाहते हैं? सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया जाता है।

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