विरोध करने वालों की भावना समझने की जरुरत: गहलोत

जोधपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि लोकतंत्र में विरोध करने वालों की भावनाओं को समझने की जरुरत है।

गहलोत आज यहां के एन महिला महाविद्यालय के छात्रसंघ उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मुर्दाबाद और जिंदाबाद दोनों एक साथ चलते है। लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन होने चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान जो भावना प्रकट होती है उसे समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विरोध करने पर लाठीचार्ज, पाकिस्तान चले जाओं, हम बदला लेंगे, कहां लोकतंत्र है। मांगों पर संवाद जारी रखना चाहिए। मांगों को लेकर विरोध करने वालों की भावना को समझना चाहिए और उनका हल करना चाहिए। उन्होंने कहा पाकिस्तान बनने के बाद उसके दो टुकड़े हो गये। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिये और देश में खालिस्तान नहीं बनने दिया और वह पद पर रहते देश के लिए बलिदान हो गई।

उन्होंने कहा कि बार बार पाकिस्तान का नाम लिया जा रहा है, पाकिस्तान में पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा सुनाई गई है। कहां पाकिस्तान, कहां भारत, पाकिस्तान की भारत के सामने कोई औकात नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि जब तक महिलाएं सशक्त नहीं होगी देश का विकास नहीं होगा। उन्होंने महिलाओं के घूंघट हटाने पर भी जोर देते हुए कहा कि महिला सशिक्तकरण से घूंघट हटता है। उन्होंने कहा कि घूंघट हटेगा तो महिला आगे आयेगी।

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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में उत्पीड़न, अत्याचार एवं अन्याय कैसे रुके, इसके प्रति संकल्प लिये हुए है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्म रक्षा के लिए पुलिस लाइन में आत्म रक्षा के कोर्स चलेंगे। सरकार ने दुष्कर्म आदि मामलों में हर जिले में पुलिस अधीक्षक रैंक का अधिकारी ऐसे मामलों को देखने का निर्णय पहले ही ले चुकी है। उन्होंने सरकार का पूरा प्रयास है कि महिलाएं सुरक्षित रहे।

इस अवसर पर गहलोत ने के एन महिला महाविद्यालय में छात्रावास के लिए सोलह कमरे बनाये जाने की घोषणा की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर महाविद्यालय में ई पुस्तकालय बनाने की मांग पर उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने छात्राओं की शेष मांगों को भी पूरी करने का आश्वासन दिया।

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