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ना कोरोना ना ही शुगर फिर भी ब्लैक फंगस से पीड़ित

Corona Effect On Eyes

डॉक्टर्स के अनुसार ब्लैक फंगस कोरोना से उभरते मरीजो को अपनी चपेट में ले रहा है। और डायबिटिज़ के मरीजों को ब्लैक फंगस ज्यादा हो रहा है जो लंबे समय से स्टॉराइड लेते आ रहे है। लेकिन हरियाणा के एक मरीज ने इस धारणा को खारिज कर दिया है।रविवार को मिले एक मरीज में कोरोना, शुगर व ऑक्सीजन संबंधी कोई हिस्ट्री नहीं मिली, इसके बावजूद उसमें ब्लैक फंगस के लक्षण मिले। मरीज को अग्रोहा रेफर कर दिया गया है। इनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है। दोनों मरीज टोहाना के है। इस तरह से जिले में अब ब्लैक फंगस के 9 मरीज हो गए हैं। कोरोना और ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीजों के कारण स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सरकार, जनता और डॉक्टर्स की चिंता बढ़ा दी गई है। ब्लैक फंगस के बाद पटना में व्हाइट फंगस के भी मरीज मिले। लेकिन कुछ समय बाद वैज्ञानिकों ने व्हाईट फंगस को इतना असरदार नहीं बताया।

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चेहरे की एक साइड ब्लैक हो गई

नाढ़ोडी के व्यक्ति की ब्लैक फंगस के लक्ष्ण मिले भूना के गांव नाढ़ोडी निवासी 40 साल के एक व्यक्ति में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। उसके चेहरे की एक साइड ब्लैक हो गई है। जिसकी वजह ब्लैक फंगस मानी जा रही है। जिसके चलते उसे अग्रोहा रेफर कर दिया गया है। खास बात यह है इस मरीज में कोरोना, शुगर व ऑक्सीजन से जुड़ी कोई हिस्ट्री नहीं है। इस मरीज ने एक महीना पहले कोरोना का टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।  न ही कभी ऑक्सीजन चढ़वाई। शुगर के बारे में भी कोई हिस्ट्री नहीं है। ऐसे में डॉक्टर भी हैरान है, चूंकि चेहरे पर कालापन आ रहा है, इसलिए उसे ब्लैक फंगस की माना जा रहा है। इसके अलावा गांव हांसपुर के 61 साल के बुजुर्ग में भी ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है।

पहला ऐसा मरीज मिला, जिसे कोरोना, शुगर नहीं

इस बारे में नागरिक अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि रविवार को एक मरीज आया, जिसमें ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। लेकिन न तो उसे कोरोना है, न ही शुगर। ऑक्सीजन भी नहीं चढ़वाई गई। उसके चेहरे पर कालापन आ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार ब्लैक फंगस का ऐसा अनोखा और पहला मामला आया है। जिसमें कोई लक्षण ना होते हुए भी मरीज ब्लैक फंगस से ग्रसित है। डॉक्टर फिलहाल मरीज का इलाज कर रहे है।

 यैलो फंगस भी आया सामने

ब्लैक फंगस और व्हाईट फंगस के बाद यैलो फंगस का मामला सामने आया है। यैलों फंगस को ब्लैक फंगस और व्हाईट फंगस से ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। हालंकि इस पर डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर में इस फंगस ने रंग बदल लिया है तो यह फंगस पीले रंग में दिख रही है। एक मरीज के शरीर में तीनों फंगस देखने को मिली है। एक स्टडी में पीले फंगस को अलग प्रकार का फंग माना जा रहा है। यह फंगस गंदगी के कारण हो रहा है। इसमें मरीज के शरीर में अलग-अलग लक्षण दिखाई दे रहे है।

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