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उपराज्यपाल ‘सामंती मानसिकता’ से पीड़ित

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Lieutenant Governor VK Saxena) ‘सामंती मानसिकता’ (‘feudal mindset’) से पीड़ित हैं और शहर में गरीब बच्चों (poor children) के लिए अच्छी शिक्षा नहीं चाहते।

सरकारी कामकाज में उपराज्यपाल के कथित हस्तक्षेप पर दिल्ली विधानसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘मेरे शिक्षकों ने भी कभी इस तरह मेरा होम वर्क नहीं जांचा, जैसे उपराज्यपाल फाइलें खंगालते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘उपराज्यपाल मेरे हेडमास्टर नहीं हैं। लोगों ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया है।’ केजरीवाल ने दावा किया कि एक बैठक में उपराज्यपाल ने उनसे कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनकी वजह से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में 104 सीटें जीतीं हैं।

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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ‘‘सामंती मानसिकता से ग्रस्त हैं और नहीं चाहते कि दिल्ली के गरीब बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल करें। उन्होंने कहा, उपराज्यपाल कौन हैं? वह कहां से आए हैं? वह हमारे सिर पर बैठे हैं। क्या अब वो इस बात का फैसला करेंगे कि हम अपने बच्चों को पढ़ने कहां भेजें? हमारा देश ऐसी सामंती मानसिकता वाले लोगों के कारण ही पिछड़ रहा है। केजरीवाल ने कहा, जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है। हम भी कल केंद्र में सत्ता में आ सकते हैं.. हमारे भी उपराज्यपाल होंगे। हमारी सरकार जनता को परेशान नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल के पास खुद फैसले करने का अधिकार नहीं है।

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केजरीवाल ने कहा, उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह पुलिस, जमीन और सार्वजनिक व्यवस्था के अलावा अन्य मुद्दों पर फैसला नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री ने भाजपा के सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के विदेश में पढ़ाई कर रहे बच्चों’’ की एक सूची भी सदन में पेश की और कहा कि हर किसी की अच्छी शिक्षा तक पहुंच होनी चाहिए। (भाषा)

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