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हंगामे के कारण लोकसभा-राज्यसभा दो बजे तक स्थगित

नई दिल्ली। लोकसभा (Lok Sabha) में बृहस्पतिवार को कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गयी। वहीं विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा (Rajya Sabha) की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन लोकसभा की बैठक शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने भारत दौरे पर आईं जाम्बिया गणराज्य की नेशनल असेंबली की स्पीकर नेली मुट्टी और वहां के संसदीय शिष्टमंडल का सदन की ओर से स्वागत किया। जाम्बिया के शिष्टमंडल के सदस्य इस दौरान सदन की विशेष दीर्घा में बैठे थे। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराया, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य अपने मुद्दे उठाने का प्रयास करने लगे। कुछ सदस्य आसन के समीप भी आ गये। हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने की अपील करते हुए बिरला ने प्रश्नकाल चलने देने की अपील की और कहा कि बिना तथ्यों के कोई बात नहीं की जानी चाहिए।

इस दौरान अध्यक्ष बिरला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य पूनम मदाम को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) से संबंधित पूरक प्रश्न पूछने को कहा, लेकिन हंगामे के बीच वह पूरक प्रश्न नहीं पूछ सकीं।

अध्यक्ष बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा,प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है। विधान मंडल अध्यक्षों के सम्मेलन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया था कि प्रश्नकाल चलना चाहिए। हंगामा नहीं थमने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनट बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।

वहीं, विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों नियम 267 के तहत नोटिस दे कर राज्यसभा में सूचीबद्ध कामकाज को निलंबित करने एवं विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग के चलते हुए हंगामे की वजह से उच्च सदन की कार्यवाही आरंभ होने के कुछ ही देर बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

धनखड़ ने इसके बाद सदन को बताया कि उन्हें विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge), शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी, आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के तिरुची शिवा सहित कुल नौ सदस्यों की ओर से नियम 267 के तहत नोटिस मिले हैं। उन्होंने पूर्व की अपनी व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि इनमें से कोई भी नोटिस स्वीकार किए जाने की अनिवार्यताओं को पूरा नहीं करता है, लिहाजा उन्होंने इन्हें अस्वीकार कर दिया।

धनखड़ ने सदस्यों से सदन में शांति और व्यवस्था बहाल करने का अनुरोध किया लेकिन अपनी बात का असर न होते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही 11 बजकर सात मिनट पर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। (भाषा)

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