शांति भंग में बंद नौ कांग्रेसियों को मिली जमानत

मथुरा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की रिहाई के लिए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देने के दौरान शांति भंग के आरोप में बंद नौ कांग्रेसियों को जिला जज की अदालत से जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया ।

जेल से बाहर आये कांग्रेस विधान मंडल दल के पूर्व नेता प्रदीप माथुर ने कहा कि योगी सरकार तानाशाही पर उतर आई है तथा उसके अधिकारी भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने लगे हैं। प्रजातांत्रिक व्यवस्था में सरकार के किसी भी गलत कदम का विरोध करने का अधिकार हर राजनैतिक दल को होता है।

उनका कहना था कि कांग्रेसी जब अंग्रेजों के दमन के सामने नहीं झुके तो योगी सरकार के सामने झुकने वाले नहीं है। उधर जेल से रिहा हुए कांग्रेस की मथुरा इकाई के अध्यक्ष दीपक चौधरी ने कहा कि जेल में बंद करने से कांग्रेसी डरनेवाले नही हैं। सरकार को कोरोना वायरस के संक्रमण का लाभ नही उठाना चाहिए। जिस प्रकार से प्रदेश अध्यक्ष को जेल में बंद कर दिया गया यदि कोरोना का संक्रमण काल न होता तो कांग्रेसी प्रदेश की जेलों को भर देते। उनका यह भी आरोप है कि प्रशासन ने कांग्रेसियों को अस्थाई जेल में ऐसी जगह रखा जहां कोरोना संक्रमित पूर्व में रखा गया था।

गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की रिहाई के लिए तीन जून को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देने गए कांग्रेसियों की जिला प्रशासन के अधिकारियों से हुई गर्मा-गर्मी के बाद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दीपक चौधरी, प्रदेश सचिव मुकेश धनगर , महानगर अध्यक्ष उमेश शर्मा, जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्षा नीलम कुलश्रेष्ठ और महानगर महिला कांग्रेस अध्यक्षा शालू अग्रवाल समेत नौ कांग्रेसजनों को 151 सीआरपीसी में जेल भेज दिया गया था तथा उनकी जमानत की अर्जी अगले दिन सिटी मजिस्ट्रेट के न्यायालय से खारिज कर दी गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares