नीतीश के पास फिजूलखर्ची के लिए हैं करोड़ों रुपये : लालू

पटना। बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने बिहार की स्वास्थ्य-व्यवस्था की स्थिति पर पटना उच्च न्यायालय की टिप्पणी के बहाने ‘जल-जीवन-हरियाली’ यात्रा और मानव श्रृंखला को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए आज कहा कि कुमार के पास दुर्गति की मार झेल रहे स्कूलों,अस्पतालों, छात्रों, युवाओं, किसानों और गरीबों की स्थिति में सुधार के लिए पैसे नहीं है लेकिन अपने अनैतिक महिमामंडन पर फिजूलखर्च करने के लिए करोड़ों रुपये हैं।

यादव के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पटना उच्च न्यायालय की अखबार में प्रकाशित टिप्पणी की कतरन पोस्ट कर कहा गया, “नीतीश जी, आपके पास दुर्गति की मार झेल रहे स्कूलों, अस्पतालों, छात्रों, युवाओं, किसानों और गरीबों की स्थिति में सुधार के लिए पैसे नहीं है लेकिन अपने अनैतिक महिमामंडन पर फिजूलखर्ची करने के लिए करोड़ों रुपये हैं।

यह आज के अखबार की कतरन है। उच्च न्यायालय ने शाबासी दी है।” उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने गुरुवार को राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते कहा कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की वजह से यहां के बड़े अधिकारी अपना इलाज राज्य के बाहर कराते हैं और उनके इलाज पर खर्च का भुगतान सरकार को करना पड़ता है।

खंडपीठ ने कहा कि वहीं, दूसरे राज्यों मे चतुर्थवर्गीय कर्मचारी लेकर वरीय अधिकारी तक अपना इलाज संबंधित राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराते हैं। उस राज्य के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का प्रमाण-पत्र भी होता है। यदि बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधरीं तो न्यायालय सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति पर रोक लगाने पर विचार करेगा।

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