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Rajasthan : Vaccine नहीं तो सिलेंडर नहीं! LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स का ऐलान, 21 मई से सिलेंडर की डिलीवरी बंद!

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में कोरोना संक्रमण ( Coronavirus in Jaipur ) से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अस्पतालों की हालत खराब है। बेड के साथ ऑक्सीजन की मारामारी जारी है। लोग संक्रमण से घबराएं हुए है। ऐसे में अब हर कोई कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) लगवाना चाहता है। लेकिन राज्य में वैक्सीन की कमी के चलते वैक्सीनेशन का काम धीमी गति से हो रहा है। कई सेंटर्स पर तो वैक्सीन की किल्लत देखी जा रही है। इन सब के बीच एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन जयपुर ने कहा कि अगर सरकार की ओर से 20 मई तक अगर हॉकर्स का वैक्सीनेशन शुरू नहीं किया गया तो 21 मई से हॉकर्स घरेलू सिलेंडर ( LPG Gas Cylinder ) की डिलीवरी नहीं करेंगे।

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एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के महासचिव ने कहा है कि इस संबंध में कई बार सरकार की ओर से आदेश जारी किए जा चुके हैं पर अब तक जयपुर सीएमएचओ ( CMHO ) की ओर से वैक्सीनेशन कैम्प को लेकर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है, ऐसे में फेडरेशन ने 21 मई से घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी ( LPG Cylinder ) नहीं करने का फैसला किया है।

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घर-घर पहुंचा रहे सिलेंडर, पूरे परिवार को संक्रमण का खतरा
गौड़ ने आगे कहा कि, राज्य में पिछले एक वर्ष से भी ज्यादा समय से कोरोना संक्रमण के बीच एलपीजी हॉकर्स बिना रुके गैस सिलेंडर घर-घर पहुंचा रहे हैं। संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से अब एलपीजी वितरण कार्य में लगे कर्मचारियों ने बिना टीके लगे ग्राहकों के घरों पर जाने से मना कर दिया है। जयपुर जिले में ही राज्य के सबसे ज्यादा COVID Patients है डिलिवरी हॉकर्स को कोविड संक्रमण का खतरा ज्यादा है। जिससे उनकी, उनके परिवारों और अन्य ग्राहकों की जान को खतरा हो सकता है।

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए CM गहलोत का बड़ा फैसला
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने राज्य सरकार गांवों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए अस्थाई आधार (टेम्परेरी बेसिस) पर 1000 डॉक्टर्स एवं 25 हजार नर्सिंग स्टाफ की सेवाएं लेगी। आने वाले दस से बारह दिनों में संदिग्ध रोगियों की ट्रेकिंग और ट्रीटमेंट के लिए 11 लाख परिवारों के घर-घर सर्वे का काम होगा। इससे अधिक पॉजिटिव केस वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां कंटेनमेंट जोन और नो-मूवमेंट को और अधिक सख्ती से लागू किया जा सकेगा। घर-घर सर्वे के लिए 1200 टीमें गठित की गई हैं।

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