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गैर कश्मीरी भी देंगे वोट

Kashmir Files Muslims Apologize

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में विधानसभा और लोकसभा सीटों के परिसीमन के बाद अब मतदाता सूची को लेकर बड़ी खबर आई है। राज्य में अब गैर कश्मीरी भी मतदान कर सकेंगे। बाहरी लोगों को मतदान का अधिकार मिलने से राज्य का चुनावी गणित पूरी तरह से बदल जाएगा। बताया जा रहा है कि इस फैसले से राज्य में 25 लाख के करीब नए मतदाता जुड़ेंगे। इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम शुरू होने के बाद अब अंदाजा लगाया जा रहा है कि जल्दी ही चुनाव हो सकते हैं। राज्य में आखिरी बार 2014 में विधानसभा के चुनाव हुए थे।

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी हृदेश कुमार ने बुधवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में करीब 25 लाख नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में पहले संविधान के अनुच्छेद 35ए के जरिए यह व्यवस्था लागू थी कि बाहरी लोग पंचायत और विधानसभा चुनावों में मतदान नहीं कर सकते थे। लेकिन इसे हटाए जाने के बाद बाहरी लोगों को मतदान का अधिकार मिलेगा। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद पहली बार मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जा रहा है।

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि 25 नवंबर तक मतदाता सूची के विशेष सारांश संशोधन को पूरा करनी है। उन्होंने इसे चुनौतीपूर्ण काम बताया। माना जा रहा है कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद इस साल के अंत में या अगले साल के शुरू में पहली बार जम्मू कश्मीर में चुनाव हो सकते हैं। उस चुनाव से पहले हुए परिसीमन को लेकर विवाद हुआ था। राज्य की कई पार्टियों ने आरोप लगाया था कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए सीटों का परिसीमन किया गया है। अब बाहरी लोगों के मतदान को लेकर विवाद हो रहा है।

सरकार के फैसले के बाद राज्य में पहली बार गैर कश्मीरियों को वोट का अधिकार देने की तैयारी है। ऐसे लोग कश्मीरी मूल के नहीं हैं, लेकिन यहां रह रहे हैं, वे भी वोट डाल सकेंगे। ऐसे करीब 25 लाख लोगों को मतदाता सूची में जोड़ा जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा सुरक्षा बलों के जवान और प्रवासी मजदूर होंगे। राज्य चुनाव आयोग की इस घोषणा के बाद जम्मू कश्मीर की राजनीति के सारे समीकरण बदल जाएंगे।

तभी इसका विरोध करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि भाजपा जीत के लिए वोटर इंपोर्ट कर रही है। बहरहाल, आंकड़ों से साफ है कि जम्मू कश्मीर में करीब 30 फीसदी नए मतदाता जुड़ने जा रहे हैं। इनमें सबसे बड़ी तादाद सुरक्षा बलों के जवानों की होगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से जाने वाले प्रवासी मजदूर होंगे। इनका स्वाभाविक रूझान भाजपा की ओर होगा।

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