suspension MPs Rajya Sabha 12 सांसद राज्यसभा के निलंबन पर विपक्ष की बैठक आज
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12 सांसद राज्यसभा के निलंबन पर विपक्ष की बैठक आज

suspension MPs Rajya Sabha

नई दिल्ली। एक अभूतपूर्व कदम घटनाक्रम में राज्यसभा के 12 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया है। विपक्षी सांसदों पर यह कार्रवाई संसद के मॉनसून सत्र में कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों से बदसलूकी करने के आरोप में की गई है। इस घटना के 110 दिन बाद कार्रवाई की गई है, जिसके तहत कांग्रेस के छह, तृणमूल कांग्रेस व शिव सेना के दो-दो और सीपीएम व सीपीआई के एक-एक सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। suspension MPs Rajya Sabha

संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन 11 अगस्त को हुई यह घटना कई मायने में अभूतपूर्व थी। पहली बार ऐसा हुआ कि विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि मार्शल बुला कर सदन के अंदर सांसदों की पिटाई कराई गई। विपक्षी सांसदों ने यह भी कहा कि संसद के मार्शल के साथ साथ बाहर से भी सुरक्षाकर्मी बुलाए गए थे। यह पहली बार था, जब सांसदों ने सदन के अंदर पिटाई कराए जाने का आरोप लगाया था। लेकिन सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों ने राज्यसभा के सभापति से मिल कर विपक्षी सांसदों की शिकायत की थी।

ऐसा लग रहा है कि सभापति ने विपक्षी सांसदों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया और सरकार  की शिकायतों को सही मानते हुए विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया। उच्च सदन में हुई धक्कामुक्की के बाद एक और अभूतपूर्व घटनाक्रम हुआ था, जब सरकार के आठ मंत्रियों ने साझा प्रेस कांफ्रेंस करके विपक्ष पर आरोप लगाया था। गौरतलब है कि विपक्षी सांसदों ने सरकार की ओर से पेश किए गए सामान्य बीमा बिल को रोकने की कोशिश की थी, जिसमें सभी सरकारी सामान्य बीमा कंपनियों के निजीकरण का प्रस्ताव किया गया है।

बहरहाल, घटना के 110 दिन बाद 12 विपक्षी सांसदों पर कार्रवाई हुई है और 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलने वाले संसद की शीतकालीन सत्र से उनको निलंबित कर दिया गया है। राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने निलंबित सांसदों के नाम की घोषणा की। इनमें कांग्रेस के छह सांसद- फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन और अखिलेश प्रसाद सिंह शामिल हैं।

निलंबित सांसदों में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री भी शामिल हैं। इनके अलावा शिव सेना से प्रियंका चतुर्वेदी व अनिल देसाई के नाम इनमें शामिल हैं। सीपीएम के एलाराम करीम और सीपीआई के बिनॉय विश्वम भी निलंबित किए गए हैं। इन सांसदों पर आरोप है कि इन्होंने मॉनसून सत्र के दौरान संसद के सुरक्षाकर्मियों से बदसलूकी की थी। दूसरी विपक्ष ने सांसदों से मारपीट और महिला सांसदों से बदसलूकी का आरोप लगाया था।

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 निलंबन पर विपक्ष की बैठक आज

राज्यसभा के 12 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किए जाने का विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया है। मंगलवार को विपक्षी पार्टियों ने इस पर विचार करने और आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठक बुलाई है। उच्च सदन में हुई कार्रवाई के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है- अगर दूसरों के लिए आवाज उठाने वालों की आवाज दबाई जाती है, तो यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। हम इसकी निंदा करते हैं, सभी दल इसकी निंदा करते हैं। आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए कल हमारी बैठक होगी।

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गौरतलब है कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान 11 अगस्त को बीमा बिल पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ था। संसद के अंदर विपक्ष के महिला-पुरूष सांसदों और मार्शलों के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई थी। उस दिन हुए हंगामे पर राज्यसभा के सभापति और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा था कि जो कुछ सदन में हुआ है, उसने लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र किया है। उधर, विपक्ष ने महिला सांसदों के साथ बदसलूकी का भी आरोप लगाया था। इसे लेकर विपक्ष ने उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को ज्ञापन भी सौंपा था।

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