उत्तराखंड सरकार को बकाया धनराशि भुगतान के आदेश

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आज को प्रदेश सरकार को राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों की बकाया धनराशि का भुगतान दीपावली तक सुनिश्चित रूप से किये जाने के आदेश दिए। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की युगलपीठ ने उत्तराखंड परिवहन कर्मचारी यूनियन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सचिव(वित्त) तथा सचिव (परिवहन) को दीपावली तक बकाया धनराशि का भुगतान करने पर विचार करने को कहा है।

न्यायालय ने सरकार की निशुल्क योजनाओं के संचालन से उस पर आर्थिक बोझ पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार को निशुल्क योजनाओं के बदले उसका भुगतान किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय को बताया गया कि परिवहन निगम के कर्मचारियों को सितम्बर महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत 85 करोड़ की बकाया धनराशि का का भुगतान किया जाना है। इसमें से सरकार ने लगभग 17 करोड़ की धनराशि का भुगतान कर दिया है। लगभग 69 करोड़ की धनराशि का भुगतान किया जाना शेष है।

सुनवाई के दौरान निगम की ओर से न्यायालय को बताया गया कि पर्वतीय क्षेत्रों के घाटे के मार्गों पर बसों का संचालन करने से निगम को घाटा उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओें, छात्रों, दिव्यांगों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, पंडित दीनदयाल योजना के तहत मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना के अंतर्गत प्रदेश के बुजुर्गों के लिये धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराने और मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिये परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा संचालित की जा रही है। साथ ही रूद्रप्रयाग जिले में आयी आपदा के दौरान भी परिवहन निगम की बसों को उपयोग में लाया गया था।इस बीच न्यायालय के आदेश के परिप्रेक्ष्य में कर्मचारी यूनियन ने आज रात से होने वाली हड़ताल स्थगित कर दी।

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