राज्य के सभी ब्लड बैंकों का तुरंत निरीक्षण करने के आदेश - Naya India
ताजा पोस्ट | देश| नया इंडिया|

राज्य के सभी ब्लड बैंकों का तुरंत निरीक्षण करने के आदेश

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फगवाडा सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में एक नौजवान को दूसरे ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाने और दो मरीजों को संक्रमित रक्त देने में हुई लापरवाही की विस्तृत जांच करवाने तथा सभी ब्लड बैंकों का तुरंत निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।

ज्ञातव्य है कि फगवाड़ा में दो मरीजों को एचसीवी और एचबीएसएजी से संक्रमित रक्त दिया गया था । सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस घटना के बाद फगवाड़ा के ब्लड बैंक को बंद कर दिया गया है और सम्बन्धित बीटीओ डॉ. हरदीप सिंह सेठी को निलंबित कर दिया गया है और एलटी रवि पॉल की सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।

इसे भी पढ़ें :- गुजरात में भी अब कोरोना वायरस संक्रमण जांच की सुविधा

एसएमओ डॉ. कमल किशोर को भी निलंबित कर दिया गया है और सिविल सर्जन कपूरथला को इस अपराधिक लापरवाही के लिए पुलिस विभाग के पास अपराधिक शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर गंभीर चिंता ज़ाहिर करते हुए स्वास्थ्य विभाग को सभी ब्लड बैंकों की तुरंत जांच करवाने के निर्देश दिए हैं जिससे रक्त प्रबंधन के सही मापदंडों के पालना सुनिश्चित की जा सके। इस बारे में कोई भी ढील बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर कपूरथला जिले के सभी ब्लड बैंकों का अगले तीन दिनों के अंदर सिविल सर्जनों की अगुवाई वाली डिस्ट्रिक्ट ब्लड ट्रांसफ्यूजऩ कमेटी की ओर से निरीक्षण किया जायेगा। अन्य जांच प्रक्रियाओं के अलावा फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, पंजाब ब्लड एंड ट्रांसफ्यूऩ कमेटी की टीमों द्वारा अगले 15 दिनों में सभी सरकारी ब्लड बैंक का निरीक्षण और 31 मार्च तक सभी प्राईवेट ब्लड बैंकों का निरीक्षण किया जायेगा।

प्रवक्ता ने बताया कि फगवाड़ा में यह घटना 30 जनवरी को ड्रग इंस्पेक्टरों के ब्लड बैंक के निरीक्षण के दौरान सामने आई। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन कपूरथला द्वारा जांच और तथ्यों की पड़ताल के लिए तुरंत एक मैडीकल बोर्ड का गठन किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पता चला कि ओ पाजीटिव ब्लड ग्रुप के एक मरीज़ को बी पॉजि़टिव ग्रुप का रक्त चढ़ाया गया जिससे नौजवान रोगी की हालत बिगड़ गई थी।

इसे भी पढ़ें :- महिलाओं ने परिवार का वोट तय किया: केजरीवाल

नियमों के मुताबिक मरीज़ की देखभाल कर रहे एमओ और एसएमओ की ड्यूटी थी कि वह इस घटना की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दें। एसएमओ को ज़रूरी कार्यवाही करनी चाहिए थी और यह यकीनी बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए थे कि भविष्य में ऐसी घटना न घटे। एसएमओ डॉ. कमल किशोर अपनी ड्यूटी निभाने में असफल रहे और उनको निलंबित कर दिया गया।

प्रवक्ता ने कहा कि इस दौरान सिविल सर्जन कपूरथला को फगवाड़ा सिविल अस्पताल ब्लड बैंक में स्टाफ का वैकल्पिक प्रबंध करने की हिदायत की गई है और स्टाफ का प्रबंध होने के बाद फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन विभाग द्वारा ब्लड बैंक का निरीक्षण किया जायेगा। यह निरीक्षण एक हफ्ते के अंदर पूरा हो जायेगा और यदि निरीक्षण के दौरान सब कुछ ठीक पाया गया तो ब्लड बैंक चालू कर दिया जायेगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *