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Oxyegen Crisis: कर्नाटक में ऑक्सीजन के अभाव में 24 मरीजों की कोरोना से मौत, वेंटिलेटर पर थे सभी मरीज

Bengaluru: भारत में कोरोना की दूसरी लहर से लगातार मौतों की संख्या में इजाफा हो रहा है. संक्रमित मरीजों के लिए अस्पताल में बेड और ऑक्सीजन की किल्लत अब किसी से छुपी हुई नहीं है. ऑक्सीजन की कमी से देश में प्रतिदिन कई लोगों की मौत हो रही है. ताजा मामला कर्नाटक के चामराजनगर से है जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण 24 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है. इस संबंध में बताया जा रहा है कि जिन मरीजों का कोरोना से इलाज चल रहा था,  वे सारे मरीज वेंटिलेटर पर थे.  लेकिन ऑक्सीजन खत्म हो जाने के कारण इन मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगी और एक के बाद एक मरीजों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया. यहां यह बता दें कि यह दूसरा मौका है जब कर्नाटक में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत हुई है.  इससे पहले बीते शनिवार को भी 12 संक्रमित मरीजों की जान ऑक्सीजन की कमी से चली गई थी.

ऑक्सीजन की कमी से रोज जा रही है जानें

देशभर में ऑक्सीजन के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं. लगभग सभी राज्यों के अस्पतालों का एक ही हाल है. ऑक्सीजन की कमी के कारण दम तोड़ते मरीजों की संख्या में दिन पर दिन लगातार इजाफा हो रहा है. हाल ही में दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 8 कोरोना संक्रमित मरीजों की जान चली गई थी. इसके अलावा आंध्र प्रदेश के भी एक सरकारी अस्पताल में शनिवार को 14 मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हो गई थी. देश के अलग-अलग राज्यों का हाल कुछ ऐसा ही है.  राजस्थान, महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश में भी मरीज ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ रहे हैं. इसके विपरीत केंद्र सरकार लगातार देश में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा बता रही है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी किसी से भी छिपी ही नहीं है.

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कर्नाटक में लगातार बढ़ रही है संक्रमितों की संख्या

देशभर में कोरोना मरीजों के बढ़ते संक्रमण से परेशानी बढ़ गई है. कर्नाटक में भी कोरोना मरीज के नए मामलों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.  कर्नाटक में रविवार को 37733 नए मामले सामने आए हैं.  इन मामलों के साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या आंकड़ा 16 लाख पहुंच गया है.  जबकि 217 मरीजों की मौत के साथ ही अपनी जान गंवाने वालों की संख्या 16011 हो चुकी है. ऐसे में अब कर्नाटक सरकार के लिए लोगों को घर पर रखना मजबूरी बन गई है.  इसके साथ ही कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए भी सरकार को कड़ी मशक्कत उठानी पड़ रही है.

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SC on 12Th Board : SC ने 12वीं की परीक्षा के लिए अड़ी आंध्र प्रदेश की सराकर से कहा- यदि एक भी बच्चे को कुछ हुआ तो फिर…

SC on 12Th Board

नई दिल्ली | SC on 12Th Board:  देश के ज्यादातर राज्यों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बोर्ड ओर CBSE को यह निर्देश भी दिया है कि आने वाले 10 दिनों में परिणामों की घोषणा कर दी जाए. लेकिन अभी भी आंध्र प्रदेश अपनी परीक्षाओं को आयोजित करने को लेकर अड़ा हुआ है. अब आंध्र प्रदेश की जीत के आगे सुप्रीम कोर्ट में सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर राज्य के एक भी बच्चे को कुछ भी हुआ तो उसकी सारी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी. इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहें. उसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने आंध्र प्रदेश की सरकार को किसी भी बच्चे के कोरोना संक्रमित होने और उसकी मौत पर एक करोड़ का मुआवजा तक चुकाने की बात कह डाली.

10 दिन के अंदर 31 जुलाई तक जारी करें परिणाम

SC on 12Th Board: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश की सरकार को यह साफ कर दिया कि जब तक बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती तब तक राज्यों में 12वीं बोर्ड की परीक्षा के लिए अनुमति नहीं देगा. इधर 12वीं के परिणामों में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीएसई की तर्ज पर राज्य सरकार को बोर्ड के परिणामों की घोषणा करनी चाहिए. सभी स्टेट बोर्ड के ढीले रवैए पर एतराज जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 10 दिनों के अंदर 31 जुलाई तक नतीजों की घोषणा कर दें.

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SC on 12Th Board

कोर्ट ने पूछा आंध्र सरकार से यह सवाल

Justice m khanwilkar और Dinesh Maheshwari की पीठ ने आंध्र प्रदेश की सरकार से यह जानने का प्रयास किया कि वह आखिर फिजिकल परीक्षा क्यों लेना चाहता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब देश में कोरोना का नया खतरनाक वैरीअंट चल रहा है तो फिर बच्चों की जिंदगी से रिस्क क्यों लेना है. कोर्ट में आंध्र प्रदेश की सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि परीक्षा के आयोजन से एक भी बच्चे की मौत होती है तो वह राज्य सरकार को एक करोड़ के मुआवजे का आदेश देगी.

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