कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं लोग : गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं जबकि राजस्थान में स्वस्थ दर अधिक होने और कोरोना मृतकों की दर कम होने से प्रदेशवासी कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।  गहलोत ने आज कहा पिछले छह महीनों के अनुभवों के आधार पर कोरोना से जुड़ी बहुत सी नई जानकारियां सामने आई हैं।

इसके अनुसार कोविड-19 से संक्रमित होकर ठीक होने के बाद भी शरीर पर इसके दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। कोविड-19 की शुरुआत में इसका असर पहले सिर्फ फेफड़ों पर ही माना गया था, लेकिन अब डॉक्टरों ने बताया है कि यह वायरस मरीज के दिल, दिमाग और किडनी पर गंभीर असर डाल रहा है।

उन्होंने कहा कि इस बीमारी से ठीक होने के बाद भी नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर गंभीर असर पड़ रहा है। ऐसे में इस बीमारी से संक्रमित लोग ठीक होने के बाद भी पूरी सावधानियां बरतें। यह वायरस सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है इसलिये सभी को इससे सावधान रहना चाहिये।

गहलोत ने कहा कि राजस्थान में करवाये जा रहे आरटी पीसीआर टेस्ट अब तक इस बीमारी की जांच के लिये विश्व में सबसे विश्वसनीय टेस्ट है, लेकिन इस टेस्ट में कोरोना होने के बावजूद भी 30 प्रतिशत फॉल्स निगेटिव आने की संभावना रहती है। ऐसे में निगेटिव टेस्ट आने के बाद भी शरीर में कोरोना के लक्षण दिखें तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत होने पर सीटी स्कैन भी करायें। सीटी स्कैन से फेफड़ों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल जाती है।

उन्होंने कहा कि अब तक इस बीमारी की कोई वैक्सीन नहीं बनी है, लिहाजा हम सबको इस बीमारी से बचाव के सभी उपाय अपनाने चाहिये। मास्क लगाना, हाथ साफ करना, सोशल डिस्टैंसिंग रखना और भीड़भाड़ में न जाने की आदत बनाये रखें।

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