कश्मीर पर हुई दिल की बात! - Naya India pm modi meet kashmir
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कश्मीर पर हुई दिल की बात!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर के 14 नेताओं के साथ गुरुवार को दिल्ली में अपने आवास पर एक अहम बैठक ( pm modi meet kashmir Leaders ) की। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्विट करके करके कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया और शांतिपूर्ण चुनाव कराना राज्य का दर्जा बहाल करने की दिशा में अहम कदम हैं। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नेताओं की बात ध्यान से सुनी और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिलाया। बैठक के बाद पीडीपी नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने बताया कि बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रही।

PM Modi Meeting On Kashmir

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुलाई इस बैठक में जम्मू कश्मीर की आठ पार्टियों के 14 नेता शामिल ( pm modi meet kashmir Leaders ) हुए थे। उनके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह शामिल हुए। प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में मोदी ने संदेश दिया कि जम्मू कश्मीर से दिल्ली और दिल की दूरी कम होगी। उन्होंने परिसीमन के बाद जल्दी विधानसभा चुनाव कराए जाने की बात कही और नेताओं से ये भी कहा कि वे इस प्रक्रिया में शामिल हों।

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा और गुलाम नबी आजाद के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना और पूर्व उप मुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता भी शामिल हुए। बताया जा रहा है कि बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होंगे लेकिन सभी को राष्ट्रहित में काम करना चाहिए ताकि जम्मू कश्मीर के लोगों को फायदा हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू कश्मीर में सभी के लिए सुरक्षा और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करने की जरूरत है।

बैठक के बाद कविंदर गुप्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर के मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई है। ऐसा लगता है कि परिसीमन के बाद जल्दी ही चुनाव कराए जाएंगे। सभी नेता सामान्य तरीके से चुनाव चाहते हैं। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्रीजी ने भरोसा दिलाया है कि हम जम्मू कश्मीर के विकास पर काम करेंगे। गुप्ता कहा- प्रधानमंत्रीजी ने कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पर भी पूरा भरोसा नेताओं को दिलाया है।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक ( pm modi meet kashmir Leaders ) में जम्मू-कश्मीर से राजनीतिक गतिरोध खत्म करने और चुनाव कराने का रोडमैप तैयार किया गया है। इस बैठक से पहले चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर के सभी 20 उपायुक्तों से विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन और नई सीटें बनाने पर भी विचार विमर्श किया है। बहरहाल, बैठक से तीन घंटे पहले गृह मंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री मोदी के घर पहुंचे और कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा की।

उमर और महबूबा ने निकाली भड़ास!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले जम्मू कश्मीर के नेताओं से बातचीत में जम्मू कश्मीर से दिल्ली की दूरी और दिल की दूरी कम करने की बात कही लेकिन बैठक में शामिल नेताओं की बातों से लग नहीं रहा है कि दूरी इतनी जल्दी मिटने वाली है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठक के बाद कहा भी कि एक मुलाकात से दूरियां नहीं मिटती हैं। उन्होंने परिसीमन का विरोध किया और कहा कि इससे लोगों में संदेह पैदा होता है। एक और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दिल की भड़ास निकालते हुए कहा कि कश्मीर के लोग जोर से सांस भी ले लेते हैं तो उनको जेल में डाल दिया जाता है।

महबूबा ने कहा- मैंने जम्मू कश्मीर के लोगों की मुसीबतें प्रधानमंत्री के सामने रखीं। ( pm modi meet kashmir Leaders ) पांच अगस्त 2019 के बाद से कश्मीरी नाराज हैं। मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि असंवैधानिक तरीके से अनुच्छेद 370 को हटाया गया, ये जम्मू कश्मीर के लोगों को पसंद नहीं है। हम इसके खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे और इसे बहाल करवाएंगे। उन्होंने कहा- ये दर्जा हमें पाकिस्तान से नहीं मिला था। ये हमें जवाहर लाल नेहरू और वल्लभ भाई पटेल ने दिया था।

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उन्होंने कहा- चीन के साथ आप बात कर रहे हैं, जिसका देश की अवाम के साथ कोई सीधा लेना देना नहीं है। आपने पाकिस्तान से बातचीत की और इससे सीजफायर हुआ, इसका हम स्वागत करते हैं। पाकिस्तान से फिर बातचीत करनी चाहिए ताकि जो ट्रेड उनके साथ रुका है, वो बहाल हो। महबूबा ने कहा- यूएपीए की सख्ती बंद हो, जेलों में बंद कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए। आप रोज कानून जारी कर देते हैं। जमीनें और रोजगार सुरक्षित होने चाहिए। जम्मू कश्मीर के लोग तंग आ गए हैं कि जोर से सांस भी लें तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। उन्होंने राज्य के लिए पैकेज की भी मांग की।

बैठक के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा- जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। परिसीमन की कोई जरूरत नहीं है। इससे बहुत संदेह पैदा होते हैं। लोगों को अपनी पसंद की सरकार चुनने और सरकार को राज्य के लिए फैसले लेने का हक होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा- एक मुलाकात से न तो दिल की दूरी कम होती है और न दिल्ली की दूरी कम होती है। एक मीटिंग में इस बात की उम्मीद करना गलतफहमी होगी। हालांकि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करना और चुनाव कराना हम भी चाहते हैं।

कांग्रेस ने पांच मांग रखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस पार्टी ने सरकार के सामने पांच मांगें रखीं। बैठक में शामिल कांग्रेस नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने बताया कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने सहित पार्टी ने सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा हमारी पहली मांग थी- जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा जल्दी दिया जाना चाहिए। सदन के अंदर गृह मंत्री जी ने हमें आश्वासन दिया था कि राज्य का दर्जा वक्त आने पर बहाल किया जाएगा। हमने तर्क दिया कि अभी शांति है तो इससे ज्यादा अनुकूल वक्त नहीं हो सकता।

आजाद ने कहा कि इसके अलावा उन्होंने जल्दी चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने मोदी से कहा- आप लोकतंत्र की मजबूती की बात करते हैं। पंचायत और जिला परिषद के चुनाव हुए हैं और ऐसे में विधानसभा के चुनाव भी तुरंत होने चाहिए। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार से जमीन की गारंटी और रोजगार की सुविधा कश्मीरियों के पास रहने का वादा करने को कहा। आजाद ने कहा- कश्मीरी पंडित पिछले 30 साल से बाहर हैं, जम्मू कश्मीर के हर दल की जिम्मेदारी है कि उन्हें वापस लाया जाए और उनका पुनर्वास कराया जाए। इसके बाद आजाद ने कहा कि उन्होंने राज्य के बंटवारे का विरोध किया।

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