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पुलिस ने सौंपी दिल्ली हिंसा पर शाह को ताजा रिपोर्ट

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली हिंसा पर संसद में बहस से पहले दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इस विषय पर एक विस्तृत रिपोर्ट गृहमंत्री अमित शाह को सौंपी। साथ ही उन्हें दिल्ली की मौजूदा स्थिति से भी अवगत कराया है।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों की एक टीम, जिसमें विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन और दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मनदीप सिंह रंधावा शामिल हैं, ने गृहमंत्री को यह रिपोर्ट सौंपी। साथ ही 1984 में हुए दंगों के बाद से अबतक के सबसे बुरी हिंसा के बाद देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में ब्रीफ भी किया।

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संसद में बहस से पहले टीम ने संसद में गृहमंत्री के चैंबर में उन्हें यह रिपोर्ट सौंपी। दो मार्च को जब से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हुआ है, तभी से विपक्ष संसद में दिल्ली हिंसा पर बहस की मांग को लेकर हंगामा मचा रहा था। इस हिंसा में 45 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 300 लोग घायल हुए। सदन के कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद मीनाक्षी लेखी ने 23 फरवरी की शाम को सीएए समर्थकों और सीएए-विरोधियों में झड़प के साथ शुरू हुई हिंसा और उसके बाद शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की शुरुआत की।

ये हिंसा भाजपा नेता कपिल मिश्रा के सार्वजनिक भाषण के बाद शुरू हुए थे। हिंसा करने वालों ने पूर्वोत्तर दिल्ली में लोगों को मारा और लोगों की संपत्ति और वाहनों को आग लगा दी। पूर्वोत्तर दिल्ली के जाफराबाद, चांद बाग, कर्दमपुरी, शिव विहार और बृजपुरी और करावल नगर जैसे इलाकों में चार दिनों तक भड़की हिंसा के सिलसिले में अब तक 254 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। 900 से अधिक लोगों को गिरफ्तार में लिया गया है। कम से कम 46 लोग मारे गए और 350 से अधिक घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार कम से कम 79 घर, 52 दुकानें, पांच गोदाम, चार धार्मिक स्थल, तीन कारखाने और दो स्कूल में दंगों के दौरान आग लगाई गई।

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