महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन भाजपा सरकार के दवाब में : दिग्विजय

लखनऊ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आरोप

लगाया कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला केन्द्र की नरेन्द्र मोदी

सरकार के दवाब में लिया गया है।

सिंह ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल ने शिवसेना को

तीसरे बड़े दल के तौर पर सरकार के गठन के लिये समय सीमा निर्धारित की थी लेकिन

राज्यपाल ने समयावधि समाप्त होने से पहले ही अचानक राष्ट्रपति शासन की

सिफारिश कर दी जो लोकतंत्र के लिहाज से उचित नहीं कहा जा सकता।

इस फैसले से लगता है कि प्रधानमंत्री और गृह मन्त्री के दबाव में गवर्नर ने यह अनुचित फैसला लिया।

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उन्होने आशंका जतायी कि राष्ट्रपति शासन की आड़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब विधायकों की खरीद फरोख्त कर सकती है।

शिवसेना को कांग्रेस का समर्थन नहीं देने के सवाल पर उन्होने कहा कि दोनो दलों में वैचारिक मतभेदों के चलते अभी यह ठीक नहीं होता

हालांकि ताजा घटनाक्रम से प्रतीत होता है कि शिवसेना बदलाव की ओर अग्रसर है।

अयोध्या मसले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुये वरिष्ठ कांग्रेसी ने कहा कि उनकी पार्टी का हमेशा से ही यह मानना

रहा है कि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मसले को अदालत के फैसले पर ही छोड़ना चाहिए।

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