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बजट में रोजगार को दी जायेगी प्राथमिकता

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रदेश के बजट में रोजगार को बढ़ावा देने वाले विषयों को प्राथमिकता दी जायेगी । उन्होंने कहा कि रोजगार बढ़ाने में औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी भूमिका रहती है, इसलिए उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा क्योंकि उससे युवाओं को अधिक रोजगार मिलेगा ।

खट्टर कल फरीदाबाद के लघु सचिवालय में फरीदाबाद व गुरुग्राम के मैन्यूफैक्चर सैक्टर के स्टेक होल्डर्स के साथ प्री-बजट कन्सलटेशन बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के विकास में पार्टनर हैं, न कि गिवर्स एंड टेकर्स। बजट में यही होता है कि कितना राजस्व कहां से प्राप्त होगा और उसका खर्च किस-किस मद में किया जायेगा।

युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र के लिए हुनरमंद बनाने तथा उद्योगों में समायोजन के लायक बनाने के लिए पलवल जिला में विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इस विश्वविद्यालय में उद्योगों की जरूरत के अनुसार अनेक कोर्स शुरू किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए। इसके लिए प्रदेश में नए राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जा रहे हैं।

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फरीदाबाद से गुरुग्राम तथा दिल्ली एयरपोर्ट तक मेट्रो की कनेक्टिविटी करने की दिशा में काम किया जा रहा है। फरीदाबाद से गुरुग्राम तक मेट्रो की डीपीआर तैयार हो चुकी है। केएमपी के साथ-साथ कुण्डली से पृथला तक ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर विकसित होगा ताकि दिल्ली जाए बिना ही रेल की कनेक्टिविटी हरियाणा के साथ-साथ हिमाचल, पंजाब उत्तर के राज्यों से हो सके।

उनके अनुसार केएमपी के साथ-साथ नये शहर विकसित करने की भी योजना है। मेरठ से सराय कालेखां से अलवर तक राष्ट्रीय राजमार्ग तैयार किया जा रहा है। अधिग्रहण की कठिन शर्तों के कारण सरकार इंडस्ट्री को जमीन खरीदकर नहीं दे सकती, लेकिन जो किसान अथवा भू-मालिक अपनी जमीन बेचना चाहता है वह ई-भूमि पोर्टल पर रजिस्टर करके इच्छा जाहिर कर सकता है कि वह कितने रेट में अपनी भूमि बेचने को तैयार है।

उन्होंने बताया कि भूमिगत जलस्तर को भी सुधारने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पानी की बचत के लिए सरकार सीवरेज के पानी के रियूज और रिसाइकिल करने की नीति लेकर आई है। इस पानी का उपयोग उद्योगों तथा अन्य गैर घरेलू कार्यों में किया जा सकता है। हरियाणा में बिजली, एयरपोर्ट, रेल व सडक़ यातायात के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। अगले पांच सालों में प्रदेश में ढांचागत विकास की दृष्टि से काफी बदलाव नजर आएंगे।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में जल्द ही एक हजार ई-बसें लाने की योजना है जिसमें से फरीदाबाद को करीब 100 ई-बसेें उपलब्ध करवाई जायेंगी। इन बसों से सिटी बस सेवा की सहूलियत मिलेगी। इस अवसर पर अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न स्टेक होल्डर्स ने अपने विचार सांझा किए तथा भविष्य की जरूरतों और ढांचागत विकास पर अपने सुझाव दिये ।

स्टेक होल्डर्स ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के मामले में देश में हरियाणा का तीसरा स्थान आने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी तथा प्री-बजट में उनके सुझाव लेने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब स्वयं मुख्यमंत्री उनके सुझाव ले रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार के बजट से नि:संदेह बड़े स्तर पर प्रदेश की जनता को लाभ पहुंचेगा।

बाद में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, इसे रोकने के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, बडख़ल से विधायक सीमा त्रिखा, तिगांव से विधायक राजेश नागर, पृथला से विधायक नयनपाल रावत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, बिजली निगमों के सीएमडी शत्रुजीत कपूर, फरीदाबाद के मंडलायुक्त संजय जून सहित फरीदाबाद के मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़े स्टेक होल्डर्स उपस्थित थे।

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