
जयपुर | Rajasthan Rape Police Court : महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध पर न्यायालय ने एक प्रेरक कार्रवाई की है. 10 वर्षीय मासूम के साथ एक आरोपी ने बलात्कार जैसे जघन्य अपराध किया था. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 7 घंटे में चालान पेश कर दिया था. उस समय भी पुलिस की राज्य भर में तारीफ हुई थी. इसके पीछे का कारण यह था कि पुलिस ने इसके पहले इतनी जल्दी कभी भी चालान पेश नहीं किया था यह अपने आप में ऐतिहासिक था. अब कोर्ट ने 5 दिन में ट्रायल पूरा कर एक मिसाल पेश किया है. पोक्सो कोर्ट के तहत इस मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी कमलेश मीणा को 20 साल की सजा सुनाई है.
पहली बार विडियो कालिंग से बयान
Rajasthan Rape Police Court : राजस्थान में पहली बार इस मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पीड़िता के बयान दर्ज हुए थे. इस पर फैसला देने वाले जज विकास खंडेलवाल की कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के अस्पताल में भर्ती होने के कारण उसका यहां आना संभव नहीं था. यही कारण है कि पीड़िता के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज किया गया. बता दें कि कोर्ट में बलात्कारी कमलेश मीणा पर ₹200000 का जुर्माना भी लगाया है.
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क्या है मामला
Rajasthan Rape Police Court : कोटखावदा थाना क्षेत्र में 26 सितंबर की शाम कमलेश मीना नाम के आरोपी ने एक 10 साल की बच्ची को खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. दुष्कर्म के बाद उसने बच्ची को जान से मारने की भी कोशिश की. हालांकि बच्ची को मरा समझ वह वहां से फरार हो गए. बाद में बच्ची ने सारी सच्चाई अपने घर वालों को बता दी जिसके बाद पुलिस के सामने मामला आ गया. पुलिस ने इस मामले में महज 7 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया साथ में चालान भी पेश कर दिया.
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