Rajasthan: Vaccine को लेकर CM Gehlot का केन्द्र सरकार पर वार, कहा- वैक्सीनेशन से सरकार पीछे खींच रही हाथ

Must Read

जयपुर। Corona Vaccination in Rajasthan: कोरोना महामारी ( COVID 19 ) के बीच भी राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने से बाज नहीं हा रही हैं. ऐसे में राजस्थान में भी वैक्सीन को लेकर शुरु हुआ आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. राजस्थान सरकार ने भी वैक्सीन की किल्लत को देखते हुए इसकी खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर निकालने का फैसला लिया है. ग्लोबल टेंडर के फैसले बाद अब सीएम अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) ने केन्द्र सरकार को निशाना बनाया है.

यह भी पढ़ेंः- Corona Impact: चुनाव आयोग ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विधान परिषद चुनाव टाले

सीएम गहलोत ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश में वैक्सीन की कमी से अब तक 11 राज्य वैक्सीन खरीदने के लिए ग्लोबल टेंडर निकाल चुके हैं. इससे राज्यों को अलग-अलग कीमत पर वैक्सीन मिलेगी. अच्छा होता कि भारत सरकार ग्लोबल टेंडर निकालती और राज्यों को योजनाबद्ध तरीके से वैक्सीन उपलब्ध करवाती. क्योंकि सम्पूर्ण वैक्सीनेशन से ही कोरोना की तीसरी लहर से बचा जा सकता है.

यह भी पढ़ेंः- Sputnik Vaccine: भारतीयों को अगले हफ्ते से लगाई जाएगी रूसी स्पूतनिक वैक्सीन! सिंगल डोज वाला है वर्जन

आपको बताते चले कि बुधवार को ही राजस्थान सरकार ने विदेशी कम्पनियों से वैक्सीन की एक करोड़ डोज खरीदने का निर्णय लिया है. सीएम गहलोत वैक्सीन की कमी के मुद्दे को लेकर लगातार केन्द्र सरकार पर निशाने साधते रहे हैं. गहलोत का कहना हैं कि इतनी बड़ी महामारी के बावजूद केन्द्र सरकार वैक्सीनेशन से हाथ पीछे खींच रही है. पूरा जिम्मा राज्य सरकारों पर डाला जा रहा है. केवल दो कम्पनियां पर्याप्त वैक्सीन की आपूर्ति नहीं कर पा रही है. लिहाजा भारत सरकार को प्रबंधन अपने हाथ में लेकर दूसरी कम्पनियों को भी फॉर्मूला उपलब्ध करवाना चाहिए. ताकि सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगाई जा सके. सीएम गहलोत ने इससे पहले देष में लाॅकडाउन लगाने के मुद्दे को लेकर केन्द्र पर निशाना साधा था.

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

साभार - ऐसे भी जानें सत्य

Latest News

‘चित्त’ से हैं 33 करोड़ देवी-देवता!

हमें कलियुगी हिंदू मनोविज्ञान की चीर-फाड़, ऑटोप्सी से समझना होगा कि हमने इतने देवी-देवता क्यों तो बनाए हुए हैं...

More Articles Like This