Rajasthan Week End Curfew | राजस्थान में भी दिल्ली की तर्ज पर वीकेंड कर्फ्यू
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Rajasthan Week End Lockdown | अब राजस्थान में भी वीकेंड कर्फ्यू, कोरोना चेन तोड़ने के लिए सीएम अशोक गहलोत की घोषणा

जयपुर | राजस्थान में भी दिल्ली की तर्ज पर वीकेंड कर्फ्यू (Rajasthan Week End Curfew) लगाने की घोषणा कर दी गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) के आवास पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह निर्णय किया गया है। प्रदेश के 17 जिलों में तेजी से संक्रमण (Covid Infection in Rajasthan) बढ़ने के कारण एक दिन में ही 6658 नए मामले आए और 33 लोग मौत का शिकार हो गए। ऐसे में सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा है कि पहले प्रदेश के 17 जिलों में कोरोना के अधिक मामले सामने आ रहे थे लेकिन पिछले कुछ दिनों में सभी जिलों में संक्रमण तेजी से फैला है। अब प्रदेश में कोरोना के 6,658 नए मामले और 33 मौते हुईं हैं। इसलिए आज वीकेंड कर्फ्यू का सख्त फैसला लिया गया है।


गहलोत ने यह भी कहा कि अगर समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति दूसरे प्रदेशों जैसी विकट स्थिति बन सकती है। आमजन से अपील है कि पूर्व की तरह एकजुटता दिखाएं और एक-दूसरे का सहयोग करें। राजस्थान सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

जनता से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने ट्वीट में कहा है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कल शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक प्रदेश में कर्फ्यू रहेगा। आप सभी से अपील है कि कर्फ्यू के दौरान सरकार का सहयोग करें और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करें। कर्फ्यू के दौरान पहले से चल रहे नाइट कर्फ्यू में छूट की श्रेणी वाली सेवाओं में फल-सब्जी, दूध, एलपीजी और बैंकिग सेवाओं को भी शामिल किया गया है।

रेमे​डीसीवर की मांग बढ़ी
राजस्थान में कोरोना की इस दूसरी लहर में रेमेडीसीवर इंजेक्शन की मांग एकाएक बढ़ गई है। चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया का कहना है आपूर्ति में सुधार किया जा रहा है। आपात व्यवस्था के तहत गुरुवार को रेमेडीसीवर के 10 हजार इंजेक्शन तुरंत प्रभाव से जिला अस्पतालों को भेजे गए हैं। उन्होंने शीघ्र ही मांग के अनुसार इसकी उपलब्धता की उम्मीद भी जताई। गालरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक की और तीन घंटे तक चली बैठक में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने टेस्ट क्षमता बढ़ाने, अस्पतालों में आधारभूत संरचना में स्थितिनुसार सुधार करने और कर्मचारियों समेत किसी भी तरह की कमी को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने कहा कि रेमेडीसीवर इंजेक्शन का निर्यात बंद होने से अगले कुछ दिन में इसकी आपूर्ति बढ़ जाएगी। लेकिन इस इंजेक्शन की महत्ता देखते हुए इसे पहले जरूरतमंद को ही लगाया जाए।

उन्होंने कहा कि रेमेडीसीवर इंजेक्शन लगाने के मामलों की तर्कसंगत समीक्षा की जाए। उन्होंने सभी चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध अस्पतालों में ऑक्सीजन की वर्तमान उपलब्ध मात्रा और आगामी समय में मांग में बढ़ोत्तरी होने पर आपूर्ति श्रृंखला को सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कोविड टेस्ट्स की संख्या ज्यादा से ज्यादा बढ़ाई जाए। इसके लिए 44 नई आरटीपीसीआर मशीनें और 28 नई आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

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अब जयपुर में 10 हजार, जोधपुर में 7 हजार और बाकी जिला अस्पतालों में 2-2 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, झालावाड़ जैसे जिलों में कोरोना के मामलों पर कहा कि हालात को नियंत्रित रखने के लिए तैयारी पहले से ही दुरुस्त करनी होगी। उन्होंने कहा कि जयपुर में जयपुरिया अस्पताल को डेडीकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है।

इसके अलावा भीलवाड़ा और जोधपुर में भी खासतौर पर अतिरिक्त डेडीकेटेड कोविड सेंटर बनाने और अतिरिक्त बेड्स की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। श्री गालरिया ने वीसी के दौरान ही भीलवाड़ा जिला कलेक्टर से भी सोशल मीडिया पर बेड्स की कमी की वायरल हो रही अफवाहों की उचित तरीकों से रोकथाम पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने अफवाहें न फैलाने और इस चुनौतीपूर्ण समय में मिलकर काम करने की अपील भी की। Rajasthan Week End

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