राज्यसभा में खनिज कानून विधेयक पारित

नई दिल्ली। राज्यसभा में खनिज कानून (संशोधन) विधेयक पारित हो गया। पक्ष में 83 सदस्यों ने और विपक्ष में 12 सदस्यों ने मतदान किया। लोकसभा में यह विधेयक 6 मार्च को पास हो गया था।माकपा के एल्माराम करीम द्वारा वोट के विभाजन की मांग की गई थी।

कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि यह कानून कोयला और खनन के क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को और आकर्षित करने में मदद करेगा, साथ ही अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में भी मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि भारत 2.7 लाख करोड़ रुपये के कोयले का आयात करने की अपने प्राकृतिक भंडार का उपयोग करे। यह बिल वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला क्षेत्र को खोलेगा और घरेलू और वैश्विक कंपनियों को निवेश करने की अनुमति देगा। इससे संबंधित अध्यादेश को कैबिनेट ने जनवरी में मंजूरी दी थी।

इसमें खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में और कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 में संशोधन किया गया था। एक नया खंड, 8 बी भी विधेयक में पेश किया गया, जिसमें पिछले आवंटियों को दी गई वैधानिक मंजूरी को नए पट्टेदार को दो साल के लिए बढ़ा दिया गया।

इस मौके पर मंत्री ने सांसदों को आश्वासन दिया कि सरकार राज्य के स्वामित्व वाले कोल इंडिया (सीआईएल) को मजबूत करेगी। जोशी ने कहा कि हमें पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना भंडार का दोहन करने पर जोर देना चाहिए। वर्ष 1957 में खनिजों और कोयले के भंडार के विकास के लिए अधिनियम 1957 को बनाया गया था।

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