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उत्तराखंड में गुलज़ार होने लगे धार्मिक स्थल, नैनीताल में खुले मां नयना देवी के कपाट

नैनीताल|  जैसे-जैसे देश में कोरोना के मामले कम होने लगे है सरकारें भी अनलॉक में छूट देने लगी है। बाजारों, धार्मिक स्थलों में रौनक फिर से लौटने लगी है। मंदिर खुलते ही भक्ते अपने भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे है। हाल ही में नैनीताल में नैनीझील किनारे बने मां नयना देवी मंदिर के पट भक्तों के खुल चुके है। पिछले डेढ़ माह से मंदिर श्रद्धालुओं के बंद थे। लेकिन अब खुल चुके है। मंदिर खुलते ही श्रद्धालु अपनी मां के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर में सामाजिक दूरी, मास्क और सैनेटाइजर के साथ प्रवेश दिया गया। हालंकि भक्तों की संख्या कम ही रही। 19 जून को मां नयना देवी का 137वां स्थापना दिवस है। हर वर्ष यह दिवस भक्तों द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन कोरोना काल में किसी भी आयोजन करने पर रोक लगी हुई है। ऐसे में भक्त असमंजस की हालत में है। मां के मंदिर का स्थापना दिवस मना पाएंगे या नहीं…

सैनेटाइज कर दिया भक्तों को प्रवेश

पिछले कुछ महीनों से देश में कोरोना की तीसरी लहर चल रही थी। जिसने अपना आंतक सभी पर मचाया है। इसके डर से लॉकडाउन और अन्य पाबंदियां लागू की गई। देश के सभी धार्मिक स्थल बंद किए गए। पिछले माह 2 मई को मां नयना देवी अमर उदय ट्रस्ट ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। क्योंकि मंदिर खुला रहता तो श्रद्धालु आते, इस कारण लोग संक्रमित हो जाते। पुजारियों द्वारा मां नयना देवी मंदिर के पट बुधवार को यानी 16 जून को खोल दिए गए। मंदिर के पट खुलते ही सबसे मंदिर को सैनेटाईज किया गया। कपाट खोलने से पहले धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए। इसके बाद मां के भक्तों को प्रवेश दिया गया। लेकिन श्रद्धालुओं को सामजिक दूरी, मास्क और सेनेटाइजर का प्रयोग करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई हैं।

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137वां स्थापना दिवस मनाने को लेकर बना असमंजस

ट्रस्ट की ओर से मंदिर में कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के भी निर्देश दिए गए है। मंदिर के कपाट तो खोल दिए गए है लेकिन आने वाली 19 जून को मां नयना देवी का 137वां स्थापना दिनस है जो गर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। कोरोना गाइडलाइन के चलते इस वर्ष स्थापना दिवस मनाने के कोई आसार नहीं लग रहे है। इस कारण भक्तों में असमंजस बनी है। ट्रस्ट की ओर से पूर्व में ही स्थापना दिवस के कार्यक्रम नहीं किए जाने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में कोविड के दौर में यहां पहुंचने वाले भक्तों को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराया जाना भी किसी चुनौती है। ट्रस्ट अध्यक्ष राजीव लोचन शाह ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के अनुसार ही कार्यक्रम होंगे।

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