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उत्तराखंड में जिला पंचायत अध्यक्षों के लिये आरक्षण तय

नैनीताल। उत्तराखंड सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्षों के पदों के लिये अंतिम आरक्षण सूची रविवार को जारी कर दी है।
यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार राज्य के 12 जिलों के लिये अंतिम आरक्षण सूची जारी कर दी गयी है। हरिद्वार जिले को छोड़कर शेष सभी जिलों को इसमें शामिल किया गया है। सूची में अनुसूचित जाति, अनुसूचित (महिला), अनुसूचित जनजाति (महिला) और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला एक-एक सीट आरक्षित रखी गयी है।

देहरादून की जिला पंचायत के अध्यक्ष पद को अनुसूचित जनजाति (महिला) के लिये आरक्षित किया गया है जबकि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सामान्य वर्ग की महिला के लिये आरक्षित रखा गया है। इसी तरह उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और अल्मोड़ा जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों को सामान्य श्रेणी के लिये रखा गया है जबकि गढ़वाल की पौड़ी जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति, रूद्रप्रयाग अनुसूचित जनजाति (महिला), ऊधमसिह नगर सामान्य महिला, चंपावत सामान्य महिला, बागेश्वर सामान्य महिला और पिथौरागढ़ की जिला पंचायत अध्यक्ष के पद को अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिये आरक्षित रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के 12 जिलों में इन दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिये अंतिम चरण का मतदान सोमवार 21 अक्टूबर को होना है। सोमवार 21 अक्टूबर को ही मतगणना का कार्य भी संपन्न होना है। इसके बाद क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव किया जाएगा। हरिद्वार जनपद को इन चुनावों से अलग रखा गया है। यहां अगले वर्ष चुनाव होंगे।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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