आरक्षण एससी-एसटी और पिछड़ों का मौलिक अधिकार : सुशील

पटना। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने उच्चतम न्यायालय के तमिलनाडु के एक मामले में गुरुवार को आरक्षण को मौलिक अधिकार नहीं माने जाने के बाद कहा कि आरक्षण अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़ों का मौलिक अधिकार है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रहते इसे कोई भी ताकत छीन नहीं सकती।

भाजपा के वरिष्ठ नेता मोदी ने कहा कि संविधान के खंड-तीन की धारा 15 (4) और (5) के तहत आरक्षण एससी, एसटी और पिछड़े वर्गों का मौलिक अधिकार है। भाजपा के रहते कोई ताकत इस अधिकार से इन वर्गों को वंचित नहीं कर सकती है।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने संविधान संशोधन कर प्रोन्नति में आरक्षण दिया तो केंद्र की मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार ने दलित अत्याचार निवारण अधिनियम में 23 नई धराएं जोड़ कर उसे और कठोर बनाया तथा जब उच्चतम न्यायालय ने कुछ धाराओं को शिथिल किया तो कानून में संशोधन कर उसे पुनस्र्थापित किया।

मोदी ने देश की संवैधानिक संस्थाओं से भी अपील की है कि वे आरक्षण से जुड़े अत्यंत संवेदनशील मुद्दों पर काफी सावधानी बरतें क्योंकि यह लाखों-करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मामला है। एससी और एसटी वर्ग के लोगों को मिला आरक्षण बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और महात्मा गांधी की देन है। दलितों-पिछड़ों को आरक्षण दिलाने के लिए ही 1932 में महात्मा गांधी को अंग्रेजों के खिलाफ पांच दिन तक यरवादा जेल में आमरण अनशन करना पड़ा था, जिसके बाद पूणे समझौते के तौर पर आरक्षण का प्रावधान किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares