विश्व के 250 विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है संस्कृत : पोखरियाल

नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा है कि प्राचीन और वैज्ञानिक भाषा संस्कृत को दुनिया के 100 देशों के 250 विश्वविद्यालयों में पढ़ायी जा रही है।

पोखरियाल ने लोकसभा में गुरुवार को ‘केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 2019’ चर्चा के लिए पेश करते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा है। तक्षशिला, नालंदा तथा विक्रमशिला प्राचीन विश्वविद्यालय थे, जहां दुनियाभर से लोग पढ़ने के लिए भारत आते थे।

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उन्होंने कहा कि आज भी इस भाषा को दुनिया के सौ देशों के 250 प्रमुख विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का मकसद संस्कृत के तीन डीम्ड विश्वविद्यालयों राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तथा राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का उन्नयन करना है। इस विश्वविद्यालय के गठन से संस्कृत और धर्म ग्रंथ संबंधी शिक्षा को स्नातकोत्तर, डाक्टरेट और पोस्ट डाक्टरेट तथा शोध को बढावा देना है।

इससे संस्कृत को बेहतर संकाय सदस्य मिलने, विदेशी छात्र, संस्कृत विद्वानों तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के लोगों को इनमें पढ़ाने के लिए आकर्षित किया जा सकेगा। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि जर्मनी में 14 विश्वविद्यालयों में संस्कृत पढ़ाई जा रही है। इसके अलावा दुनिया के प्रतिष्ठित तथा शीर्ष विश्वविद्यालयों में संस्कृत पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने संस्कृत को ज्ञान और विज्ञान की भाषा बताया और कहा कि यह सबसे वैज्ञानिक भाषा है और आधुनिक वैज्ञानिक भी इसकी इस विशिष्टता की सराहना करते हैं। पतंजलि का योग ग्रंथ भी संस्कृत में दी गयी थी।

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