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Delhi Deputy CM मनीष सिसोदिया ने रिपोर्ट को फर्जी बताया

Delhi Deputy CM मनीष

नई दिल्ली। ऑक्सीजन की मांग को बढ़ा-चढ़ा कर बताने का दावा करने वाली सुप्रीम कोर्ट की उप समिति की रिपोर्ट को दिल्ली सरकार ने फर्जी करार दिया है। Delhi Deputy CM मनीष सिसोदिया ने कहा है- भाजपा के नेता जिस रिपोर्ट के हवाले से केजरीवालजी को गालियां दे रहे हैं, ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं। भाजपा झूठ बोल रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी के सदस्यों ने ऐसी किसी रिपोर्ट पर दस्तखत नहीं किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह रिपोर्ट भाजपा मुख्यालय में तैयार की गई है।

सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा- सुप्रीम कोर्ट ने ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी बनाई थी। हमने इसके मेंबर्स से बात की है। सबका कहना है कि उन्होंने कोई रिपोर्ट साइन ही नहीं की है। जब ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों ने कोई रिपोर्ट साइन ही नहीं की है, अप्रूव ही नहीं की है तो फिर ये रिपोर्ट है कहां? उन्होंने कहा- ये कौन सी रिपोर्ट है? कहां से आई है? क्या कोई ऐसी रिपोर्ट है ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी की, जिसे मेंबर्स ने अप्रूव किया है और साइन किया है?

सिसोदिया ने कहा- मैं चुनौती देता हूं भाजपा नेताओं को कि ऐसी रिपोर्ट लाइए। झूठ और मक्कारी की इंतेहा होती है और भाजपा उस चरम पर पहुंच गई है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि कानूनी मामलों में ऐसी चीजें ठीक नहीं है। अप्रैल में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हुआ था। जिनके लोग भर्ती थी, वो इस बात को जानते हैं। इसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है, जिसने पूरे देश में ऑक्सीजन मैनेजमेंट का बंटाधार कर दिया।

दूसरी ओर भाजपा के संबित पात्रा ने दिल्ली सरकार पर हमला करते हुए कहा- दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर जैसी राजनीति की गई, उस पर हमने एक रिपोर्ट देखी है। दूसरी लहर में दिल्ली में हाहाकार मचा था। पर केजरीवाल ने ऑक्सीजन पर जो राजनीति की, उसका पर्दाफाश इस रिपोर्ट से हो गया। उन्होंने कहा- ऑक्सीजन पर भी कोई राजनीति कर सकता है क्या? पर केजरीवाल ने ऐसी छोटी राजनीति की। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित पैनल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि केजरीवाल ने अपनी जरूरत से चार गुना ज्यादा ऑक्सीजन की डिमांड की। उनके इस झूठ से 12 राज्य प्रभावित हुए।

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चार गुना ज्यादा ऑक्सीजन मांगी थी दिल्ली ने!

दिल्ली के अरविंद केजरीवाल सरकार एक बड़े विवाद में फंस गई है। सुप्रीम कोर्ट की बनाई एक उप समिति की एक कथित रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने जरूरत से चार गुना ज्यादा ऑक्सीजन की मांग की थी। उप समिति की कथित अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 अप्रैल से 10 मई तक कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चरम के दौरान दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की जरूरत को चार गुना बढ़ा कर बताया था। इस रिपोर्ट में कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि दिल्ली को उसकी मांग के मुताबिक ऑक्सीजन दी जाती तो कोरोना के ज्यादा केसों वाले 12 राज्यों में ऑक्सीजन का संकट पैदा होता।

Delhi Deputy CM मनीष सिसोदिया ने रिपोर्ट को फर्जी बताया

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने हर दिन 1,140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत बताई थी। जबकि बेड्स की क्षमता के आधार पर बनाए गए फार्मूले के आधार पर दिल्ली की जरूरत 289 मीट्रिक टन ही बनती है। इसका मतलब है कि दिल्ली सरकार ने चार गुना ज्यादा ऑक्सीजन की मांग की थी। अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम और ऑक्सीजन सुरक्षा संगठन ने उप समूह को बताया कि है कि दिल्ली में ज्यादा ऑक्सीजन थी, जो अन्य राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति को प्रभावित कर रही थी। उसने आशंका जताई थी कि यदि दिल्ली को अतिरिक्त आपूर्ति की गई तो इससे राष्ट्रीय संकट पैदा हो सकता है।

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