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Wednesday, May 12, 2021
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Corona Alert: कोरोना के तीसरी लहर की हुई भविष्यवाणी, 18 साल से कम उम्र वाले होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित

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New Delhi: देश में कोरोना की दूसरी लहर ने हाहाकार मचा रखा है. कोरोना की दूसरी लहर से सबसे ज्यादा प्रभावित युवा हुए हैं. जबकि पहली लहर के दौरान कोरोना ने बुजुर्गों को अपने संक्रमण की चपेट में लिया था. विशेषज्ञों की मानें तो देश में कोरोना की तीसरी लहर भी आने वाली है. माना जा रहा है कि इस तीसरी लहर से 18 साल से कम उम्र के बच्चे वायरस के प्रकोप में आ जाएंगे. अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर से सबसे ज्यादा 18 साल से कम उम्र के बच्चे प्रभावित होंगे.  मीडिया में चल रही खबरों का मानें तो  कोरोना वायरस की तीसरी लहर की शुरुआत भी महाराष्ट्र से होगी. हालांकि, अभी इस बात को लेकर विशेषज्ञ एकमत नहीं हैं कि यह कब से शुरू होगी. बताया यह जा रहा है कि जुलाई से सितंबर महीने के बीच कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत होगी.

तैयारियों में जुटी  महाराष्ट्र सरकार

हालांकि, तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर महाराष्ट्र में सरकारी स्तर पर अभी से ही तैयारी शुरू कर दी गई है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, बृहन् मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) शिशु कोविड केयर फैसिलिटी स्थापित करने की योजना बना रहा है, ताकि तीसरी लहर के दौरान संक्रमित बच्चों को समुचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके. इसके अलावा, बीएमसी की ओर से उन बच्चों के लिए एक क्रेच का नेटवर्क भी तैयार किया गया है, जिनके माता-पिता कोरोना का इलाज कराने के लिए शहर के विभिन्न कोविड केयर सेंटर में भर्ती हैं.

मौजूदा वेरिएंट से भी खतरनाक होगा नया स्ट्रेन

खबर यह भी है कि देश में शोधकर्ताओं को कोरोना वायरस का जो नया वेरिएंट मिला है, वह पहली और दूसरी लहर वाले वेरिएंट से करीब 1000 गुना ज्यादा खतरनाक है और यह बच्चों में तेजी से संक्रमण फैलाता है. हालांकि, शोधकर्ता और देश के वैज्ञानिकों ने केंद्र सरकार को तीसरी लहर को लेकर केंद्र सरकार को पहले ही आगाह भी कर दिया है.

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बच्चों के लिए टीका विकसित करना जरूरी

द टाइम्स ऑफ इंडिया ने संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ नितिन शिंदे के हवाले से लिखा है कि ऐसे समय में शिशुओं के लिए टीका विकसित करना बेहद महत्वपूर्ण है. अगर टीका विकसित नहीं किया गया, तो तीसरी लहर के दौरान बड़े पैमाने पर 18 साल के कम उम्र के बच्चे संक्रमण के शिकार हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि 18 से 44 साल की उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि  अब बच्चों के लिए भी टीका तायार करना बहुत जरूरी हो गया है.

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