nayaindia Shahbaz's anti-India attitude शहबाज के भारत विरोधी तेवर
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शहबाज के भारत विरोधी तेवर!

इस्लामाबाद। शनिवार को आधी रात तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद आखिरकार पाकिस्तानी नेशनल असेंबली में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई और इमरान खान की सरकार बहुमत गंवा कर विदा हुई। अब नए प्रधानमंत्री का चुनाव सोमवार को होगा। इसके लिए विपक्ष की ओर से शहबाज शरीफ ने नामांकन किया है, जबकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ की ओर से उनके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने नामांकन किया है। इससे पहले शनिवार की रात हुई वोटिंग में इमरान खान और उनकी पार्टी के किसी सांसद ने हिस्सा नहीं लिया। उनकी सरकार के खिलाफ 174 वोट पड़े, जो बहुमत से दो ज्यादा हैं।

नेशनल असेंबली में विपक्षी सांसदों की संख्या को देखते हुए शहबाज शरीफ का प्रधानमंत्री बनना तय है। हालांकि प्रधानमंत्री चुने जाने से पहले ही शहबाज शरीफ ने भारत विरोधी तेवर दिखाए हैं। उन्होंने नामांकन करने के बाद कश्मीर मसले का जिक्र किया और कहा कि उसे सुलझाए बगैर भारत के साथ संबंध सुधार की संभावना को खारिज किया। गौरतलब है कि इमरान खान पिछले कई दिनों से भारत की तारीफ कर रहे थे। लेकिन शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ कड़वाहट भरा बयान दिया। भारत से संबंध सुधारने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा तब तक नहीं हो सकता जब तक कश्मीर मसला हल नहीं हो जाता।

बहरहाल, पाकिस्तान का नया प्रधानमंत्री चुनने के लिए सोमवार को दोपहर दो बजे वोटिंग होगी। इस बीच शहबाज शरीफ के खिलाफ धन शोधन के आरोपों की जांच कर रहे अधिकारी छुट्टी पर चले गए हैं। बताया जा रहा है कि नई सरकार में बिलावल भुट्‌टो को विदेश मंत्री बनाया जा सकता है। उनको उप प्रधानमंत्री बनाए जाने की भी चर्चा है। इन चर्चाओं के बीच बिलावल ने एक ट्विट करके कहा- हर गैरकानूनी चाल चलने के बाद भी इमरान हमें रोक नहीं सके। लोकतंत्र की जीत हुई।

इमरान विरोधी विपक्षी पार्टियों ने पाकिस्तान डेमोक्रेटिक फ्रंट के नाम से मोर्चा बनाया है। इसमें तीन मुख्य पार्टियां हैं। नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग, आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और मौलान फजल उर रहमान की जमीयते उलेमा इस्लाम। बताया जा रहा है कि मौलाना फजल उर रहमान को खैबर पख्तूनख्वा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि नई सरकार जल्दी से जल्दी चुनाव कराएगी। हालांकि यह तय नहीं है कि गठबंधन की तीनों पार्टियां मिल कर लड़ेंगी या अलग अलग।

गौरतलब है कि शहबाज शरीफ के भाई नवाज शरीफ पर कई मुकदमे चल रहे हैं और वे देश से बाहर हैं। इस बारे में पूछे जाने पर शहबाज शरीफ ने कहा कि उनके भाई के खिलाफ चल रहे मुकदमे कानून के अनुसार ही निपटाए जाएंगे। नामांकन भरने के बाद विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने बड़े भाई नवाज शरीफ को याद किया और इसे पाकिस्तान के लिए नई सुबह बताया।

 

इमरान फिर छेड़ेंगे आजादी की लड़ाई

प्रधानमंत्री का पद गंवाने के बाद इमरान खान ने कहा है वे पाकिस्तानी की आजादी की लड़ाई लड़ेंगे। अपनी सरकार गिरने के बाद इमरान खान ने पहला ट्विट किया, जिसमें उन्होंने कहा- 1947 में पाकिस्तान एक आजाद देश बना, लेकिन विदेशी साजिश के खिलाफ सत्ता परिवर्तन के लिए आजादी की जंग आज से फिर शुरू हो रही है। देश के लोग ही हमेशा अपनी संप्रभुता और लोकतंत्र की रक्षा करते हैं।

गौरतलब है कि शनिवार को आधी रात के बाद नेशनल असेंबली में हुई वोटिंग में इमरान खान की सरकार हार गई। इसके तुरंत बाद उनके करीबियों पर छापेमारी का दौर भी शुरू हो गया। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ का आरोप है कि रविवार की सुबह इमरान खान का सोशल मीडिया देखने वाले अर्सलान खालिद के घर छापा मारा गया है।

शनिवार की रात पाकिस्तानी संसद की कार्यवाही के दौरान इमरान खान अपने बनीगाला वाले घर में ही रहे। रात में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई के प्रमुख जनरल नदीम अंजुम उनसे मिलने गए थे। एक के मुताबिक सरकार गिरने से पहले इमरान ने सेनाध्यक्ष जनरल बाजवा को बरखास्त करने का आदेश दिया था। बाजवा की मुलाकात इसी सिलसिले में हुई बताई जा रही है। इस बीच इमरान की पार्टी के नेता फवाद चौधरी ने कहा है कि पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ नेशनल असेंबली में सामूहिक इस्तीफा देगी। साथ ही नई सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी।

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