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शिवराज सरकार के मंत्री ने कांग्रेस उम्मीदवार की पत्नी को कहा ‘रखैल’

भोपाल/अनूपपुर। मध्यप्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के लिए चल रहे प्रचार अभियान के दौरान बयानों का स्तर गिराए जाने का सिलसला जारी है। नया विवादास्पद बयान शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्री बिसाहू लाल सिंह का सामने आया है।

उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार की पत्नी को ‘रखैल’ कह दिया। कांग्रेस ने मंत्री बिसाहू लाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता सैयद जाफर ने बिसाहू लाल के एक बयान का वीडियो ट्वीट किया है।

इस वीडियो में बिसाहूलाल सिंह अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार विश्वनाथ सिंह के नामांकन में दिए गए ब्यौरे पर टिप्पणी कर रहे हैं। मंत्री कह रहे हैं कि विश्वनाथ ने अपनी पहली पत्नी का नहीं, बल्कि रखैल का ब्यौरा दिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जाफर ने ट्वीट कर इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि इसे कहते हैं महिला का अपमान। भाजपा के मंत्री बिसाहू लाल सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी को कहा रखैल, क्या महिलाओं के लिए ऐसे ही शब्दों का इस्तेमाल करती है भाजपा? मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए मंत्री को पद से हटाएं और प्रदेश की महिलाओं से माफी मांगें।

बिसाहू लाल सिंह उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था और कमल नाथ की सरकार गिराई थी। बिसाहू लाल अनूपपुर से विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं। अपने क्षेत्र के सबसे अमीर उम्मीदवार बिसाहू लाल हाल ही में एक वीडियो में नोट बांटते नजर आए थे। उन्होंने हालांकि इसे पुराना वीडियो बताया था।

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राजनीति

आय कर की नई साइट किसका फितूर!

Nirmala Sitharaman

यह समझ में नहीं आने वाली बात है कि आय कर विभाग की नई वेबसाइट बनाने का फितूर पहले किसके दिमाग में आया! और दूसरा सवाल यह है कि इंफोसिस के जरिए साइट बनवाने का आइडिया किसका था? आय कर विभाग की वेबसाइट बहुत अच्छे तरीके से काम कर रही थी। किसी को कोई परेशानी नहीं थी और न कोई शिकायत थी। फिर अचानक एक दिन तय हुआ कि आय कर रिटर्न फाइल करने के लिए नई वेबसाइट बनाई जाएगी। साइट बन कर तैयार हो गई तो इसका खूब प्रचार भी किया गया। करदाताओं को ई-मेल और मैसेजेज के जरिए बताया गया कि नई साइट लांच हो रही है। लेकिन साइट लांच होने के बाद से ठीक से काम नहीं कर रही है और पिछले करीब दो हफ्ते से काफी काम रूका पड़ा है।

जब वेबसाइट में तकनीकी खामी की शिकायतें मिलीं तो वित्त मंत्री ने इसका संज्ञान लिया। उन्होंने इंफोसिस के अधिकारियों से बात की। उन्होंने इंफोसिस के संस्थापकों में से एक नंदन नीलेकणी को टैग करके ट्विट भी किया। उन लोगों ने सुधार के उपाय भी किए पर बात नहीं बनी। अब वित्त मंत्रालय की ओर से इंफोसिस को एक हफ्ते का समय दिया गया है। ध्यान रहे आय कर विभाग ने रिटर्न भरने की तारीख आगे बढ़ा दी है। लोग सितंबर के आखिरी दिन तक रिटर्न भर सकते हैं। लेकिन कोरोना वायरस की दूसरी लहर कम होने के बाद काफी लोग रिटर्न फाइल करने के प्रयास कर रहे हैं। लेकिन वेबसाइट की तकनीकी खामियों के चलते कामयाबी नहीं मिल रही है। सो, सरकार का राजस्व अटका है और चारों तक अफरा-तफरी है। इस बीच यह अटकल भी लगाई जा रही है कि वित्त मंत्रालय या सीबीडीटी में किसने नई वेबसाइट बनवाने का आइडिया दिया था।

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