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Rajasthan : भाभी से शादी करने के लिए देवर ने सगे मूक-बधिर भाई का अपहरण कर जान से मारने का किया प्रयास, गिरफ्तार

जयपुर.  राजधानी जयपुर से सनसनीखेज मामला सामने आया है. चाकसू थाना क्षेत्र में पुलिस को एक व्यक्ति के गम्भीर रुप से लहूलुहान अवस्था में लसाडिया के जंगल में पडे होने की सूचना मिली थी. एक चरवाहे ने पुलिस को बताया कि जानवरोंल को चराने जाने के क्रम में उसने घायल व्यक्ति को देखा था. इसके बाद पुलिस ने घायल को तुरन्त ही पहले CHC चाकसू में भर्ती करवाया जिसके बाद फिर वहां से SMS जयपुर में रैफर कर दिया गया. ट्रॉमा सेन्टर जयपुर में भर्ती करवाने के बाद से पुलिस उसकी पहचान के लिए जुट गई. होश में आने के बाद पुलिस को पता चला कि घायल तो मूक-बधिर है और उसके साथ क्या हुआ इसकी जानकारी भी वो पुलिस को नहीं दे पा रहा था. जिसके बाद सोशल मीडिया व इलेक्ट्रोनिक मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान नालावास थाना निवास सुरज्ञान मीणा के रूप में हुई.

पुलिस की जांच में सामने आई सच्चाई

घायल की पहचान होने का बाद से पुलिस जांच में जुट गई.  जांच में जो बात सामने आई उससे पुलिस ने भी सर पकड़ लिया. पुलिस ने बताया कि घायल मूक-बधिर के भाई का नाम शंकर मीणा है. अभी वो कुंवारा है. इसकी अपने बडे भाई सुरज्ञान (मजरुब) की पत्नी मंजू देवी पर बुरी नजर थी. इसलिए उसने अपनी भाभी को पाने के लिए ये प्लान तैयार किया था. पुलिस ने बताया कि वो अपने भाई सुरज्ञान मीणा को मारकर उसकी पत्नी मंजू देवी से विवाह करना चाहता था. इस उद्देश्य से पहले तो उसने अपने बड़े भाई का अपहरण किया और फिर मारपीट की. इसके बाद उसे मरा हुआ सोचकर भाग आया.

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पत्नी ने दर्ज करवाई था थाने में रिपोर्ट

जानकारी के अनुसार जब पुलिस घायल मूक-बधिर व्यक्ति के घर पहुंची तो उसकी पत्नी मंजू देवी ने बताया कि वो अपने पति की लगातार तलाश कर रही थी. इसके लिए उसने  अज्ञात व्यक्तियो द्वारा उसके पति का अपहरण कर उस पर जान लेवा हमला कर उसे घायल कर लसाडिया के जंगल में पटक देने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी. गांव के ही कुछ लोगों मे उसके पति को जंगल की ओर ले जाते और मारपीट करते देखा था.   थानाधिकारी बलवीर कस्वां के नेतृत्व में गठित टीम ने जब छोटे भाई शंकर मीणा को नालावास गांव से पकडकर मनोवैज्ञानिक तरीके से गहनता पूर्वक पुछताछ की तो उसने सारी सच्चाई उगल दी.

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