विनिर्माण केंद्र के लिए कुशल श्रमशक्ति आवश्यक : गडकरी

नई दिल्ली। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने आज कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों को सरकार ऋण उपलब्ध कराने के लिए विचार कर रही है जिससे वे अपना विकास और विस्तार कर सके तथा कुशल श्रमशक्ति की मांग पूरी कर सके।

गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी में स्थापित किए गए प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रशिक्षण केंद्र उत्प्रेरक के रूप में काम कर सकते हैं और सरकार इन्हें ऋण उपलब्ध कराने के बारे में सोच रही हैं जिससे वे स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नई मशीनरियां और नई तकनीक खरीद सकें। उन्होंने बताया कि इन प्रशिक्षण केंद्रों के विस्तार पर भी काम चल रहा है।

इस अवसर पर मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रताप चंद्र षडंगी, सचिव ए.के. शर्मा, राजस्थान के उद्योग मंत्री प्रसादी लाल मीणा, सांसद महंत बालकनाथ और विधानसभा सदस्य संदीप यादव भी उपस्थित थे।
गडकरी ने राज्य सरकारों से इन केंद्रों के लिए भूमि और अन्य सहायता प्रदान करने की अपील की। ये विस्तार क्षेत्र विशेष के नए और मौजूदा उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए मौजूदा पॉलीटेक्निक, आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेजों की बुनियादी संरचनाओं का उपयोग किया जाना चाहिए और इसमें उद्योगों से भी सहयाेग लिया जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान को ध्यान में रखते हुए 15 नए प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना की जा रही है। कुशल श्रमशक्ति का निर्माण करने के लिए मौजूदा 18 प्रशिक्षण केंद्रों का उन्नयन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए कुशल जनशक्ति बहुत आवश्यक है। कोविड-19 महामारी के कारण इन दिनों देश आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और ये केंद्र अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये उत्पादन बढ़ाने, बेरोजगारी को कम करने और आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने में सहायता प्रदान करेंगे।

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