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सुस्त हुई विकास दर!

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नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर में अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त हो गई है। देश के सकल घरेलू उत्पाद की बढ़ोतरी दर पहली तिमाही के मुकाबले बहुत कम हो गई है और पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले भी इसमें बड़ी कमी आई है। इस वजह से पूरे साल की विकास दर का अनुमान भी गड़बड़ा सकता है। हालांकि पिछले कुछ दिन से सारी एजेंसियां लगातार वित्त वर्ष 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की वृद्धि का अनुमान घटा रही है। हालांकि दूसरी तिमाही के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानों के अनुरूप आए हैं।

बहरहाल, केंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि जुलाई से सितंबर के बीच आर्थिक वृद्धि दर 6.3 फीसदी रही। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने बुधवार को विकास दर का आंकड़ा जारी किया। इसके मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पहली तिमाही के मुकाबले विकास दर आधे से भी कम रही। अप्रैल से जून की तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की दर 13.5 फीसदी रही थी। अगर साल दर साल के हिसाब से देखें तो पिछले साल जुलाई से सितंबर में विकास दर 8.4 फीसदी थी।

सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी जीडीपी के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में जीडीपी 38.17 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 35.73 लाख करोड़ रुपए पर रही थी। गौरतलब है कि पिछले दो वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 की दूसरी तिमाही में जीडीपी कोरोना महामारी को रोकने के लिए लगाई गई पाबंदियों से प्रभावित रही थी। इस बार पाबंदी नहीं है लेकिन रूस व यूक्रेन युद्ध और अन्य वैश्विक कारणों के चलते कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली थी।

अगर सेक्टर के हिसाब से विकास का आंकड़ा देखें तो दूसरी तिमाही में विनिर्माण सेक्टर की विकास दर माइनस में चली गई है। विनिर्माण सेक्टर की विकास दर माइनस 4.3 फीसदी रही है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 5.6 फीसदी रही थी। कृषि क्षेत्र की विकास दर 4.6 फीसदी रही है, जबकि 2021-22 की दूसरी तिमाही में 3.2 फीसदी रही थी। कंस्ट्रक्शन सेक्टर की विकास दर 6.6 फीसदी रही है, जो 2021-22 की दूसरी तिमाही में 8.1 फीसदी रही थी। वित्तीय सेवाओं, रियल इस्टेट और पेशेवर सेवाओं की विकास दर पिछले साल की दूसरी तिमाही में 19.4 फीसदी रही थी, जो इस साल घट कर 6.5 फीसदी रही है।

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