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Thursday, May 13, 2021
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Good News: SBI ने अपने ग्राहकों को दी सुविधा अब बिना ब्रांच गए भी अपडेट कर सकेंगे KYC

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New Delhi: देश में कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लोगों को घर पर रहने की सलाह दी जा रही है.  लेकिन कई लोगों का मानना है कि हमें कुछ जरूरी कार्यों के लिए तो घर से बाहर जाना ही पड़ता है. इन जरूरी कार्यों में बैंक के कार्य भी शामिल हैं. लेकिन अब लोगों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए बैंक भी कई कदम उठा रहे हैं. जिससे आम लोग सुरक्षित रह सकें.   भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI के ग्राहकों के लिए इस कोरोना काल में एक बहुत बड़ी राहत दी है. बैंक के लाखों ग्राहकों को अब अपना KYC अपडेट कराने के लिए ब्रांच जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे घर बैठे बड़ी ही आसानी से इस काम को पूरा कर सकते हैं. सबसे बड़े कर्जदाता बैंक की ओर से जारी एक निर्देश में कहा गया है कि KYC अपडेट करने के लिए किसी अकाउंट होल्डर को ब्रांच बुलाने की जरूरत है. इसके साथ ही, बैंक ने यह भी कहा कि आगामी 31 मई 2021 तक ग्राहक स्पीड पोस्ट या ईमेल के जरिए अपने KYC को अपडेट कर सकते हैं. अंतिम तारीख से पहले KYC अपडेट नहीं करने की स्थिति में ग्राहकों के खातों को फ्रीज भी किया जा सकता है.

लॉकडाउन और कोरोना से हालातों के कारण बैंक ने उठाया ये कदम

SBI ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी है कि कोविड-19 महामारी के कारण देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन लगा हुआ है, जिसके चलते बैंक ने यह फैसला किया है कि ग्राहक का KYC अपडेट स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड ईमेले के जरिए किया जाए. ग्राहकों को KYC अपडेट करने के लिए बैंक आने की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही, बैंक ने ग्राहकों को यह चेतावनी भी दी है कि ग्राहकों द्वारा KYC अपडेट नहीं कराने की स्थिति में उनके अकाउंट से ट्रांजेक्शन पर रोक लगाई जा सकती है. आरबीआई के नियमों के अनुसार, बैंकों को निश्चित समय के बाद अपने KYC को अपडेट कराना आवश्यक है.

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प्रत्येक 10 सालों में KYC अपडेट करने बोलते हैं बैंक

आम तौर पर देश का कोई भी बैंक लो रिस्क वाले ग्राहकों को प्रत्येक 10 साल पर KYC अपडेट करने को कहता है. इसके साथ ही, मीडियम रिस्क वाले ग्राहकों को करीब 8 साल पर KYC अपडेट कराना पड़ता है, जबकि हाई रिस्क वाले ग्राहकों को प्रत्येक दो साल पर KYC अपडेट करना पड़ता है. यह कैटेगरी वैल्यू और ट्रांजेक्शन के आधार पर तय किया जाता है. अकाउंट होल्डर अगर नाबालिग है और उसकी उम्र 10 साल से कम है, तो उन्हें KYC अपडेट करने के लिए केवल आईडी प्रूफ देने की जरूरत पड़ेगी.

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