मनरेगा श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था करें राज्य सरकार : कौशिक

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने कोरोना वायरस संकट के दौरान मजदूरों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 50 दिनों का अतिरिक्त काम देने की मांग की है।

राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने शुक्रवार को बताया कि नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा है कि राज्य में मनरेगा श्रमिकों की चिंता नहीं की जा रही है। इस पर राज्य सरकार को जल्दी फैसला लेना चाहिए। कौशिक ने कहा कि इस कोरोना वायरस के दौर में श्रमिकों के सामने दो वक्त की रोजी-रोटी का संकट खड़ा होता जा रहा है और इनकी चिंता करने वाला कोई नहीं है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के तहत सौ दिनों के रोजगार का लक्ष्य तय करती है और राज्य में अतिरिक्त 50 दिनों के रोजगार का लक्ष्य पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में तय किया गया था जिससे मनरेगा के श्रमिकों को नियमित रूप से दो वक्त की रोजी-रोटी मुहैया कराई जा सके।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार का राज्य में मनरेगा के तहत सौ दिनों का रोजगार देने का लक्ष्य पूरा हो गया है। वहीं अब तक राज्य सरकार ने अतिरिक्त 50 दिनों तक रोजगार देने का एलान नहीं किया है। किसी तरह से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। इसे लेकर राज्य के श्रमिक चिंतित हैं।

उन्होंने कहा कि जब राज्य में भाजपा की सरकार थी तब अतिरिक्त 50 दिनों तक रोजगार दिया जाता था जिससे राज्य के मनरेगा श्रमिकों को 50 दिनों का अतिरिक्त रोजगार मिलना संभव हो पाता था। इस संकटकाल में रोजगार का और कोई जरिया नहीं होने के कारण श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राज्य में श्रमिकों के पास काम नहीं होने से वे बेरोजगार होते जा रहे हैं।

कौशिक ने कहा है कि अब तक के मनरेगा का बकाया भुगतान भी श्रमिकों को जल्द किया जाना चाहिए। मनरेगा योजना को लेकर राज्य सरकार जल्द से जल्द उचित कदम उठाए जिससे श्रमिकों को रोजगार मिल सके। भाजपा नेताओं ने बताया कि कौशिक ने इस संबध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक पत्र भी लिखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares