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#सुरेश_मूँछ_जरूर_रखेगा | पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के गुजरात में ऐसा क्या हुआ कि मुद्दा पूरे भारत में ट्रेंड कर ​गया

नई दिल्ली | सुरेश मूंछ जरूर रखेगा! यह हैशटैग (Suresh Moonch Jaroor Rakhegha Hashtag Trend in India) ट्वीटर पर भारत में नम्बर वन ट्रेंड कर गया। लोग जानने को आतुर दिखे कि यह सुरेश है कौन और उसका मूंछों से क्या लेना देना है। यह सवाल ठीक उसी ​तरह उभर कर आया कि सोनम गुप्ता कौन है और बेवफा क्यों है? या फिर आप यह भी मान सकते हैं कि सवाल कटप्पा द्वारा बाहुबली को मार दिए जाने वाले स्तर पर मौजूं हो गया है। इस ट्रेंड के बाद देशभर से युवा अपनी मूंछों वाली फोटो डाल रहे हैं.

हम आपको बता दें कि रविवार को गुजरात में, जी हां गुजरात जहां से हमारे मौजूदा प्रधान सेवक आते हैं और देश के गृह मंत्री भी! वहां पर एक दलित युवक सुरेश को मूंछ रखना रसूखदारों को नागवार गुजरा और उसका सिर फोड़ दिया। गुजरात में जातिगत भेदभाव के मामले में रविवार देर अर्थात 23 जून की रात वीरमगाम तालुका में एफआईआर दर्ज हुई है। करकथल गांव में एक 22 वर्षीय दलित युवक के साथ ओबीसी समुदाय के लगभग 10 लोगों ने मारपीट की। सुरेश साणंद जीआईडीसी में एक रेफ्रिजरेटर निर्माण फर्म के साथ काम करता है। पीड़ित सुरेश वाघेला ने वीरमगाम ग्रामीण पुलिस में धामा ठाकोर, कौशिक, अत्रिक ठाकोर, संजय ठाकोर, आनंद ठाकोर, विजय ठाकोर और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

वाघेला ने पुलिस को बताया, ‘धामा ठाकोर ने रविवार देर रात मुझे फोन किया और पूछा कि उसने मूंछें क्यों रखीं। उसने मुझे मेरे घर से बाहर आने के लिए कहा, और मुझे पीटने की धमकी दी। सुरेश ने फोन काट दिया और सो गया। थोड़ी देर बाद, मैंने सुना कि कोई मेरे घर के मुख्य द्वार पर दस्तक दे रहा है।”

प्राथमिकी में वाघेला ने कहा कि उनके पिता ने दरवाजा खोला और बाहर जाने ही वाले थे। वह दौड़ा तो उन्होंने आगे धामा ठाकोर को हाथ में छुरी लेकर खड़ा पाया.

वाघेला ने उससे बात करने की कोशिश की लेकिन धामा ने अन्य आरोपियों के साथ लकड़ी के डंडे और लोहे के पाइप से उस पर हमला कर दिया। उसने कहा कि उसने जिन आदमियों का नाम लिया उनमें से पाँच और भी थे, जिनके नाम वह नहीं जानता। उन्होंने उसकी बुरी तरह पिटाई की।

वाघेला ने पुलिस को बताया, “उन्होंने मुझ पर जाति के आधार पर अपशब्दों से अपमानित किया और मूंछ रखने के लिए धमकी दी। जब परिवार के अन्य सदस्यों ने हस्तक्षेप किया, तो धामा ठाकोर और उनके गिरोह ने उन्हें भी पीटा। मदद के लिए उनकी चीख-पुकार ने अन्य ग्रामीणों को बचा लिया और आरोपी मौके से फरार हो गए। सुरेश वाघेला को पहले विरमगाम सार्वजनिक अस्पताल ले जाया गया जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया और फिर वीरमगाम के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।

आरोपियों के खिलाफ एससी / एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के आरोपों के साथ आईपीसी के तहत मारपीट, आपराधिक धमकी समेत कानूनों में प्रकरण दर्ज किया है।

 

By Pradeep Singh

Experienced Journalist with a demonstrated history of working in the newspapers industry. Skilled in News Writing, Editing. Strong media and communication professional. Many Time Awarded by good journalism. Also Have Two Journalism Fellowship. Currently working with Naya India.

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