परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने की बजाय स्थानांतरित करने का विचार

नई दिल्ली। सरकार विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने की बजाय उन्हीं पेड़ों को जड़ से निकालकर दूसरी जगह लगाने की संभावना पर विचार कर रही है।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान सड़क परियोजनाओं में होने वाली देरी के बारे में पूछे गये एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में होने वाले देरी के विभिन्न कारण हैं। इनमें से एक पर्यावरणीय मंजूरी में होने वाली देरी भी है। इसलिए सरकार परियोजना के रास्ते में आने वाले पेड़ों को काटने की बजाय उन्हें स्थानांतरित करने के काम पर बड़े पैमाने पर विचार कर रही है। गडकरी ने बताया कि यदि ऐसी प्रौद्योगिकी आती है तो सरकार बड़े पैमान पर पेड़ों के स्थानांतरण के नीति बनायेगी। इस प्रौद्योगिकी को लेकर सरकार ने कुछ संभावित कंपनियों से भी बात की है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कभी-कभी भूमि अधिग्रहण में देरी, उपयोगिता सुविधाओं का स्थानांतरण, पर्यावरण वन एवं वन्य जीव मंजूरी, रेलवे के साथ आरओबी औश्र आरयूबी के मुद्दे, अतिरिक्त सुविधाओं के लिए जनांदोलन, मिट्टी/मिट्टी की अनुपलब्धता, भौगोलिक बाध्यताओं और मिट्टी की दशा, ठेकेदारों का खराब प्रदर्शन, ठेकेदारों के साथ अनुबंध संबंधी विवाद, अनुबंध एजेंसी द्वारा अपर्याप्त नकदी प्रवाह आदि से परियोजनाओं में विलंब होता है। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं बुधवार को ही उन्होंने 32 परियोजनाओं के संबंध में भारतीय स्टेट बैंक और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं और इनमें 95 प्रतिशत परियोजनाओं से संबंधित बाधाओं का हल लगभग निकल चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares