पूरा हुआ राम मंदिर का इंतजार, ट्रस्ट के महासचिव ने की घोषणा..तीन तरह के पत्थर बढ़ाएंगे राम मंदिर की भव्यता

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आयोध्या : श्री राम जन्मभूमि आयोध्या में अब जल्द ही एक उत्सव की तैयारी होने वाली है। भक्तों को बेसब्री से इंतज़ार है आयोध्या में राम मंदिर बनने का। आखिरकार भक्तों का ये इंतजार खत्म होने वाला है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि 2024 तक मंदिर निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। राम मंदिर का निर्माण कार्य बड़ें ही जोरो-शोरों से किया जा रहा है। आपकों बता दें कि राम मंदिर में नींव भराई का काम 5 अगस्त 2020 को हुआ था यह शुभ काम करने का अवसर प्रधानमंत्री मोदी को मिला था। राम मंदिर सबसे भव्य मंदिर होगा ऐसा मंदिर आयोध्या का सबसे भव्य मंदिर होगा। राम मंदिर में हर कोने को अलीशान बनाने के अथक प्रयास किए जा रहे है। राम मंदिर में तीन अलग-अलग पत्थरों का प्रयोग किया जा रहा है। राम मंदिर के लिए कोरोड़ों रूपये का दान आया है। पुरा देश इस भव्य मंदिर के बनने का इंतजार कर रहा है।

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मंदिर में छह लेयर का काम हुआ पूरा

धर्मनगरी आयोध्या में राम मंदिर में नींव भराई का काम बड़ी ही तेजी से चल रहा है। अभी नींव भराई के लिए लेयर का काम हो रहा है। मंदिर के नींव भराई में अब तक छह लेयर डाली जा चुकी है। छह लेयर का काम सम्पन्न हो चुका है। लेकिन बारिश के कारण काम में अवरोध आ रहा है। जिसके कारण बीच में रोकना पड़ा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि राम मंदिर संपूर्ण बनने का लक्ष्य 2024 तक रखा गया है।  चंपत राय ने बताया कि राममंदिर निर्माण का 70 प्रतिशत काम बड़ी-बड़ी मशीनों के जरिए हो रहा है। ऐसे में राम मंदिर निर्माण में श्रमदान की जरूरत ही नहीं है।

अलग-अलग पत्थरों का उपयोग

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक श्री राम मंदिर बनाने में तीन तरह के अलग-अलग पत्थरों का प्रयोग किया जाएगा। राय ने बताया कि प्लिंथ का निर्माण मिर्जापुर के 4 लाख क्यूबिक पत्थरों से होगा। गर्भगृह के निर्माण में वंशीपहाड़प़ुर के लाल पत्थर का उपयोग किया जाएगा। परकोटा निर्माण में हम अलग तरह के पत्थर लगाना चाहते हैं। परकोटा भव्य होगा तो मंदिर की रौनक बढ़गी। परकोटा निर्माण में कई प्रकार के विशेष पत्थर लगाएं जाएगें। यह एक धर्मस्थल के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र भी बन सकता है। इसे देखने देश-विदेश से लोग आएंगे। उन्होंने कहा कि देश में पत्थरों की कई खदानें हैं, जहां विभिन्न प्रकार के क्वालिटी वाले पत्थर हैं। ऐसी खदानों से संपर्क किया जा रहा है। मंदिर परिसर के 5 एकड़ में परकोटा का निर्माण होना है। मंदिर के निर्माण के लिए अलग पत्थरों का उपयोग किया जाएगा। देश-विदेश से पत्थर आएंगे। माता सीता को दशानन ने जिस अशोक वाटिका में बंदी बनाया था वहां से भी मंदिर निर्माण के लिए पत्थर आए है।

राम मंदिर समिति की होने जा रही एक बैठक

13 और 14 जून को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की बैठक होगी| यह बैठक दोपहर तीन बजे से सर्किट हाउस (फैजाबाद) में होगी। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक में भाग लेने के लिए नृपेंद्र मिश्र 12 जून की देर शाम तक आयोध्या पहुंच जाएंगे।  वे दो दिनों तक अयोध्या में रहकर मंदिर निर्माण की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ भावी योजनाओं पर मंथन करेंगे। मंदिर के निर्माण कार्य के साथ आगे होने वाली सभी योजनाओं पर चर्चा करेंगे। मंदिर के सभी कार्यों में नज़र करेंगे। कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं पर मंथन करेंगे।

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साभार - ऐसे भी जानें सत्य

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