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दो महीनों में खोली जायेगी तीन औषधीय प्रयोगशालाएं : शर्मा

जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने आज विधानसभा में कहा कि आगामी दो महीनों में उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में औषधीय नियंत्रण प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी।

डॉ. शर्मा ने प्रश्नकाल में विधायकों के पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि वर्ष 2012-13 में तत्कालीन सरकार ने तीनों प्रयोगशालाओं को बनाने की घोषणा की थी। पिछली सरकार ने वर्ष 2018 के बजट में 14 करोड़ रुपए की केवल घोषणा मात्र की थी। इसके बाद सरकार बदल गई।

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वर्तमान सरकार ने इसके लिए गत वर्ष 26 मार्च को वित्तीय स्वीकृति जारी की है। उन्होंने प्रयोगशालाओं में उपकरणों की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत बताते हुए कहा कि 62 प्रकार के उपकरण खरीदे जाने हैं। उसमें 15 अत्याधुनिक उपकरण राज्य सरकार ने खरीद लिए हैं, इन पर ग्यारह करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले दो वर्षों में 8379 नमूने लिए गए, जिनमें से 161 नमूने अमानक पाए गए।

इनमें से 13 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। ये मिसब्रांड, नकली और मिलावट के प्रकरण थे। उन्होंने बताया कि 14 प्रकरणों में संबंधित औषधीय निर्माता के लाइसेंस या उत्पाद को निलंबित किया गया है। शेष प्रकरणों पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इनमें से 34 प्रकरणों में निर्माता या फर्म राजस्थान की हैं और 127 प्रकरणों में राजस्थान के बाहर की फर्म हैंं। जिन 13 प्रकरणों में एफआईआर हुई है उनमें से 12 राजस्थान के हैं।

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इस दौरान प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने नकली एवं मिलावट के मामले सामने आने के बाद उसकी रोकथाम के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए। इस पर शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यकतानुसार केंद्र सरकार को नियमों में परिवर्तन के लिए लिखेगा। इससे पहले उन्होंने विधायक अनिता भदेल के मूल प्रश्न के जवाब में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में एक औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जयपुर में संचालित है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस प्रयोगशाला में 7461 नमूने जांच के लिए लम्बित हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर, बीकानेर एवं उदयपुर में निर्मित औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को शीघ्र ही क्रियाशील करके प्रदेश में औषधियों के नमूनों की जांच निर्धारित समय सीमा में कराए जाने के प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने प्रदेश में पिछले दो वर्षो में औषधियों के कुल 8379 नमूने लिए गये। उनका जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले दो वर्षों में नकली या मिलावटी दवाओं के निर्माण, बिक्री व वितरण के कुल 76 प्रकरण दर्ज हुए हैं। उन्होंने इनका विवरण सदन के पटल पर रखा।

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