टिड्डी नियंत्रण के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा - Naya India
ताजा पोस्ट | देश| नया इंडिया|

टिड्डी नियंत्रण के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा

नई दिल्ली। देश में आगामी मौसम के दौरान फसलों पर टिड्डी के हमलों को रोकने के लिए चार राज्यों के कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों तथा किसानों को प्रशिक्षित किया जायेगा ।

कृषि सचिव संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुयी उच्च स्तरीय बैठक में राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के टिड्डी से प्रभावित होने वाले संभावित जिलों मे टिड्डियों के बारे मे जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही राज्य कृषि विभाग के अधिकारी, ग्राम स्तर पर राजस्व विभाग के पटवारी, ग्राम विकास के अधिकारियों और किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सीमा सुरक्षा बल के कार्मिको को भी टिड्डी के बारे मे प्रशिक्षित किया जाएगा ।

अग्रवाल ने आगामी मौसम मे केन्द्र सरकार के टिड्डी नियंत्रण संगठन, राज्य सरकारों , स्थानीय कृषकों, बीएसएफ़ तथा अन्य संगठनो के संयुक्त प्रयास से टिड्डी नियंत्रण करने का अनुरोध किया।  उन्होंने राज्य सरकारो को टिड्डी नियंत्रण के लिए आवश्यकतानुसार संसाधन के

लिए सहायता देने का विश्वास दिलाया। पिछले साल मई से अब तक टिड्डी नियंत्रण के लिए किये गये उपायों , इस दौरान अनुभव की गई कठिनाइयों तथा सफलताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। फसलों मे टिड्डी से हुए नुकसान के बारे मे भी चर्चा की गयी ।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

});