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किसानों से मिले राहुल, प्रियंका

UP Lakhimpur Kheri Violence

लखनऊ। कई दिनों की मशक्कत और भारी जद्दोजहद के बाद आखिरकार बुधवार की देर शाम को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में भाजपा नेता की गाड़ी से कुचले गए किसानों के परिजनों से मुलाकात की। किसानों को गाड़ी से कुचलने की घटना रविवार को हुई थी, जिसमें चार किसान और एक पत्रकार सहित कुल आठ लोग मारे गए थे। प्रियंका रविवार को ही किसानों से मिलने निकल गई थीं पर सोमवार को तड़के उन्हें हिरासत में लेकर सीतापुर गेस्ट हाउस में रखा गया था। UP Lakhimpur Kheri Violence

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बुधवार की सुबह राहुल गांधी दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस करके बाद लखनऊ रवाना हुए, जहां उनको थोड़ी देर के लिए हवाईअड्डे पर रोका गया। राज्य सरकार ने उनको लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत दे दी थी लेकिन सुरक्षाकर्मी उनको पुलिस की गाड़ी से ले जाना चाहते थे, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया था। थोड़ी देर की जद्दोजहद के बाद उनको अपनी गाड़ी से जाने की इजाजत मिली। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पार्टी के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद थे।

 

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हवाईअड्डे से निकलने के बाद राहुल सीधे सीतापुर गए, जहां प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में रखा गया था। वहां से प्रियंका को साथ लेकर राहुल गांधी कांग्रेस नेताओं के साथ लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित किसानों के परिजनों से मुलाकात की। इस बीच बुधवार को दिन में राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को लखीमपुर खीरी जाने के रास्ते में मुरादाबाद में रोक कर हिरासत में ले लिया गया।

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लखनऊ से निकल कर लखीमपुर खीरी रवाना होने से पहले राहुल के साथ गए कांग्रेस के दोनों मुख्यमंत्रियों, भूपेश बघेल और चरणजीत सिंह चन्नी ने लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए की नकद मदद देने का ऐलान किया। राज्य सरकार ने पहले ही मृतकों के परिजनों को 45-45 लाख रुपए के मुआवजे और हर परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।

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