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उत्तराखंड में खुलने लगे धार्मिक स्थल, पाताल भुवनेश्वर गुफा और बालेश्वर मंदिर में 16 जून शुरु होगी पुजा-अर्चना

पिथौरागढ़| कोरोना के मामले कम होने के कारण राज्य सरकार ने लॉकडाउन में छूट देनी शुरु कर दी है। अब धार्मिक स्थल भी खुलने लगे है। धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य होने लगेगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए धार्मिक स्थल बंद किए हुए थे। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पिछले तीन माह से मंदिर बंद किए हुए है। पिथौरागढ़ में प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा के अब श्रद्धालु फिर से दर्शन कर सकेंगे। कोरोना के मामलों में कमी होते देख पुरातत्व विभाग ने इसे खोलने के आदेश दिए है। मंदिर की पूरी विधि-विधान से पुजा कर गुफा के द्वार 16 से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कोरोना के नियमों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश मिलेगा। कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने का जिम्मा मंदिर प्रशासन के ऊपर है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद धार्मिक आस्था का केंद्र व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बेरीनाग स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा को बंद करना पड़ा था। पुरातत्व विभाग के निर्देश के बाद बीते अप्रैल माह से कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखकर यहां श्रद्धालुओं व पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। अब कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही इसे फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोलने का निर्णय पुरातत्व विभाग ने लिया है। विभाग ने मंदिर समिति को आदेश जारी किया है। इसके लिए 16जून की तिथि तय की गई है।

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धार्मिक स्थल बंद होने से चरमराया आजीविका का संकट

कोरोना ने सबकी अर्थव्यवस्था पर वार किया है चाहे वो देश की हो या वहां के लोगों की। कोरोना काल में भारत की अर्थव्यवस्था गड़बड़ गई थी। ऐसे में निचने  स्तर के लोगों का जीवनयापन बहुत मुश्किल हो गया था। सभी धर्मिक स्थल बंद होने से पुजारी, स्थानीय व्यापारियों सहित कई लोगों का घर चलता था। लेकिन कोरोना के कारण मंदिर बंद होने से लोगों का आजीविका चलाना मुश्किल हो गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष नीलम सिंह भंडारी ने कहा यहां पर्यटकों व श्रद्धालुओं की आवाजाही से गाइड, स्थानीय व्यापारियों व पुजारी परिवार सहित 35 से अधिक परिवारों की आजीविका चलती है। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों का कारण गुफा बंद होने से इन परिवारों के आगे आर्थिक संकट गहरा गया है।

कोरोना की काली छाया पर्यटन पर

पिछले डेढ़ साल से कोरोना ग्रहण लगा कर बैठा है इस कारण इसके प्रभाव को कम करने के लिए लॉकडाउन और अन्य पाबंदिया लगाई गई। लॉकडाउन के कारण पाताल भुवनेश्वर गुफा को 8 माह तक बंद करना पड़ा। लेकिन फिर जब तीन माह के लिए खोली गई तो कोरोना के मामलें बढ़ने लगे थे। फिर सभी धार्मिक स्थलों को बंद करना पड़ा था। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के चलते इस गुफा को बंद करना पड़ा।  मंदिर समिति के अध्यक्ष नीलम भंडारी ने कहा पर्यटन की दृष्टि से यहां मार्च से मई तक पीक सीजन होता है। यह समय कमाने के लिए अच्छा होता है क्योंकि पर्यटकों की आवाजाही लगी रहती है। लेकिन कोरोना ने कमाई पर काली छाया डाल दी है।

बालेश्वर मंदिर में 16 जून से लगेगी श्रद्धालुओं की भीड़

चम्पावत में स्थित ऐतिहासिक बालेश्वर मंदिर 16 जून से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर को बीते 16 अप्रैल से बंद कर दिया गया था। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने लॉकडाउन लगाया था लेकिन अब धीर-धीरे कोरोना के मामलें कम होने लगे है तो सरकार भी छूट देने लगी है। अब पुरातत्व सर्वेक्षण ऑफ इंडिया ने सभी मंदिरों को खोलने के निर्देश दिए हैं। मंदिर खोलने के लिए पुरातत्व विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। चम्पावत मोटर स्टेशन के करीब स्थित बालेश्वर मंदिर का निर्माण चंद शासन काल में हुआ था। इस मंदिर में तमाम शोधार्थी छात्र छात्राओं के अलावा श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है।

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