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मप्र के एक मंत्री का साड़ियां बांटने का वीडियो वायरल

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा उप-चुनाव का रंग धीरे-धीरे गहराने लगा है। सभाएं और जनसंपर्क का दौर तो जारी है ही, साथ में सोशल मीडिया पर तरह-तरह के वीडियो वायरल हो रहे हैं। ताजा वीडियो साड़ियों के बांटने का वायरल हुआ है।

इसमें कथित तौर पर राज्यमंत्री बृजेंद्र यादव को साड़ियां बांटते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को कांग्रेस की आईटी सेल ने साझा किया है। राज्य में विधानसभा के उप-चुनाव से पहले विरोधी दलों के नेताओं को घेरने की तैयारी चल रही है।

इसी क्रम में कांग्रेस की आईटी सेल ने यह वीडियो वायरल किया है, जिसमें कथित तौर पर मुंगावली से भाजपा के संभावित उम्मीदवार और मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव साड़ियां बांटते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो की आईएएनएस पुष्टि नहीं करता। भाजपा की ओर से इसे आचार संहिता लागू होने से पहले कोरोना काल का बताया जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात कही है।

ज्ञात हो कि इससे पहले अनूपपुर से भाजपा के संभावित प्रत्याशी और राज्य सरकार के मंत्री बिसाहू लाल सिंह का बच्चियों को नोट बांटने का वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो को सिंह ने पुराना बताया था। उन्होंने माना था कि वे पहली बार जब मंत्री बनकर गांव आए थे तब उनका बच्चियों ने कलश लेकर स्वागत किया था। शगुन के तौर पर उन्होंने बच्चियों को दस और सौ के नोट दिए थे। उस समय आचार संहिता नहीं लगी थी।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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