किसानों के लिए सेफहाउस का काम करेगा वेयरहाउस : पीयूष गोयल - Naya India
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किसानों के लिए सेफहाउस का काम करेगा वेयरहाउस : पीयूष गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, रेलवे, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि वेयरहाउस किसानों के लिए सेफहाउस का काम करेगा और उनके उत्पादों के लिए सेफ्टी नेट का काम करेगा। केंद्रीय मंत्री गोयल केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) के 65वें स्थापना दिवस पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि किसानों को कम कीमत पर भंडारण की सुविधा मिलने से वे अच्छे दामों पर बेचने के लिये अपने उत्पाद का भंडारण कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ऐसा मेरा विश्वास है कि सीडब्ल्यूसी ऐसा सिस्टम बनाने का काम करेगी। कोरोना महामारी के दौरान सीडब्ल्यूसी द्वारा किए गए कार्यो की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि कोविड के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत 35 लाख मीट्रिक टन का वितरण करने के लिए देश सीडब्ल्यूसी की सराहना करता है।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी महामारी के समय देश में कहीं आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं हुई। इसमें सभी लोगों ने मिलकर विश्व को दिखाया कि मुसीबत के समय भारत एक हो जाता है। गोयल ने कहा, वेयरहाउसिंग के साथ साथ हमारे पास ब्यूरो ऑफ स्टैंडर्ड भी है, और क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया भी। मुझे लगता है कि दोनांे को जोड़कर मेजरिंग और टेस्टिंग की फेसिलिटी भी वेयर हाउस के साथ जोड़कर हम इसे विश्वस्तरीय बना सकें, तो इसका लाभ किसान और उद्योगों को मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 के बाद करीब 177 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनसे 14 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने इन प्रोजेक्ट्स के निर्धारित समय पर पूरे होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि वेयरहाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्च र की जरूरत देश में बढ़ती जा रही है और किसानों की सुविधा के लिए वेयरहाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्च र बढ़ाये जाने से काफी लाभ मिलेगा और किसानों की आमदनी दोगुनी करने की सरकार की प्रतिबद्धता में इसकी अहम भूमिका होगी।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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