uttarakhand school open matter : उत्तराखंड में स्कूल खुलने को लेकर क्या कहा शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने..जानें इस रिपोर्ट में..
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उत्तराखंड में स्कूल खुलने को लेकर क्या कहा शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने, जानें इस रिपोर्ट में..

uttarakhand school open matter

हाल ही में उत्तराखंड सरकार( uttarakhand school open matter )द्वारा यह फरमान ज़ारी हुआ था कि उत्तरप्रदेश की राह में देवभूमि भी अपने यहां स्कूल खोलने जा रहा है। लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड सरकार में शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने इस बात से इनकार कर दिया है। स्कूल खुलने के लिए अभी थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ेगा। शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने कहा है कि जब तक कोरोना के हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तब तक स्कूल नहीं खोले जाएंगे। कोरोना की दूसरी लहर अभी गुज़री है। कोरोना के केस भले ही कम हो गये है लेकिन खत्म नहीं। और बच्चों की वैक्सीन अभी तक आई नहीं है। इसलिए अभी इतना बड़ा खतरा मोल नहीं ले सकते है। स्कूल खुलने को लेकर अभी कैबिनेट में मंथन होगा। उसके बाद इस वर फैसला होगा कि स्कूल खोलने है या नहीं। ऐसे में पेरेंट्स की टेंशन बढ़ गई कि वो बच्चों को ऑनलाइन क्लास के बाद घर पर कैसे व्यस्त रखें। मार्च 2020 से स्कूल बंद है। ऐसे में बच्चों और माता-पिता के लिए एक मानसिक तनाव का विषय बन गया है। स्कूल से हमारा शारिरीक और मानसिक विकास होता है।

arwind pandey

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कोरोना ने बिगाड़ा बच्चों का हाल( uttarakhand school open matter )

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय तो साफ बोल चुके है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक है। ऐसे में स्कूल खोलकर रिस्क नहीं ले सकते है।  ऐसे में सरकार स्कूल खोलने से पहले अभी और मंथन कर रही है। 30 साल की दीपमाला बताती हैं कि उनके 2 बच्चे हैं और उन्हें ऑफिस भी जाना होता है। ऐसे में बच्चों को अकेले घर पर छोड़ने में दिक्कत आ रही है। यही हालात इन दिनों अधिकांश पेरेंट्स के सामने है कि डेढ़ साल से बच्चों में घर में रहकर आलस पन ज्यादा महसूस किया जा रहा है। क्योंकि माता-पिता कोरोना के कारण बच्चों को कभी बाहर नहीं भेज रहे है। पार्क जैसी सभी जगह बंद हो रखी थी। हाल ही में थोड़ी छूट के खोली जा रही है। माता-पिता को समझ नहीं आ रहा है कि घर पर बच्चों को कैसे व्यस्त रखें। कुछ माता-पिता की यह शिकायत मिली थी कि कोरोना काल में बच्चे पूरे दिन घर पर रहकर फोन के साथ समय बिताते है। ऐसे में उनकी आंखें खराब होने का डर सता रहा है।

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बच्चे में हो रही कॉन्फिडेंस की कमी

बच्चों के लिए स्पोर्टस एक्टिविटी बहुत जरूरी होती है। इससे बच्चें फिट रहते है और पढ़ाई के साथ-साथ अन्य चीजों में भी दिमाग लगा रहता है। बिना किसी एक्टिविटी के बच्चे कैसे फिट रहें ये समझ पाना बेहद मुश्किल है। स्कूूल खुले रहते हैं तो सारेेे काम समय पर हो जाते हैं। समय पर उठना और स्कूल ( uttarakhand school open matter )जाकर एक्टिविटी में भाग लेकर भी बच्चों का कॉन्फिडेंस बढ़़ जाता है। लेकिन पिछलेे डेढ़ साल से ऐसा नहीं हो पा रहा है। अब बच्चों को बिना फिजिकल एक्टिविटी के घर पर टैकल करना पेरेंट्स को मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सब यही चाह रहे हैं कि कोरोना का खतरा टले और स्कूल जल्द खुल जाएं। बच्चे बी अपनी स्कूल लाइफ बहुत मिस कर रहे है। अपने दोस्तों को बहुत याद कर रहे है। अब यह बेहद जरूरी है कि जल्द से जल्द स्कूल खुले और बच्चे अपनी वो जीवन जी पाएं।

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