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गेहूँ की पैदावार 11 प्रतिशत बढ़ेगी : स्काईमेट

नई दिल्ली। मौसम अनुमान तथा कृषि जोखिम समाधान प्रदाता निजी कंपनी स्काईमेट ने इस साल देश में गेहूँ की पैदावार करीब 11 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया है।

स्काईमेट ने मंगलवार को वर्ष 2020 के लिए जारी ‘रबी रिपोर्ट’ के पहले संस्करण में कहा कि पिछले साल मानसूनी और मानसून बाद की बारिश अच्छी हुई है। रबी की खेती वाले अधिकतर राज्यों में जनवरी के पहले सप्ताह में भी अच्छी बारिश से फसल को फायदा पहुँचा है।

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इससे इस साल गेहूँ की पैदावार में 10.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। इसके अलावा चने का उत्पादन पाँच प्रतिशत और सरसों का 1.4 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल मानसून के दौरान दीर्घावधि औसत से 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। देश में 25 साल बाद इंद्र इस कदर मेहरबान रहे।

गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रिकॉर्ड बाढ़ देखी गयी। हिंद महासागर में नौ चक्रवात आने के साथ दिसंबर में उत्तर भारत में ठंड का मौसम सबसे अधिक समय तक रहा। उत्तर में पवर्तीय इलाकों में अक्टूबर से दिसंबर के बीच काफी बर्फबारी हुई है। इन सभी कारकों की वहज से जलाशयों में भरपूर पानी और मिट्टी में पर्याप्त नमी है जिसका फायदा रबी की फसल को मिल रहा है।

स्काईमेट का कहना है कि उसने मानसूनी बारिश और नमी के साथ अन्य कारकों जैसे तापमान आदि का भी विश्लेषण किया है। इसके आधार पर पैदावार में बदलाव का आँकलन किया गया है। गेहूँ की पैदावार 2019-20 के रबी मौसम में 10.6 प्रतिशत बढ़कर 11.31 करोड़ टन पर पहुँचने की उम्मीद है। पिछले रबी मौसम में यह आँकड़ा 10.22 करोड़ टन रहा था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल चने का उत्पादन पाँच प्रतिशत बढ़कर 1.07 करोड़ टन पर और सरसों का उत्पादन 1.4 प्रतिशत बढ़कर 0.95 करोड़ टन पर पहुँचने का अनुमान है। पिछले रबी मौसम में देश में चने की पैदावार 1.01 करोड़ टन और सरसों की 0.93 करोड़ टन रही थी।

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