केदारनाथ मंदिर के बाहर बैठकर क्यों आंदोलन कर रहे है पुरोहित, क्या मांगे है उनकी सीएम रावत से.. - Naya India
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केदारनाथ मंदिर के बाहर बैठकर क्यों आंदोलन कर रहे है पुरोहित, क्या मांगे है उनकी सीएम रावत से..

dehradoon| उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर के आगे पुरोहितों का शांति-प्रदर्शन चल रहा है। केदारनाथ मंदिर के आगे कुछ पुरोहितों का मौन विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पुरोहितों का कहना है कि उनकी सीएम तीरथ सिंह रावत से कुछ मांगे है जिनको वे पूरा करना तो उन पर ध्यान भी नहीं दे रहे है। ऐसे में उनका विरोध प्रर्दशन तेज हो गया है। रविवार को इस विरोध प्रर्दशन का तीसरा दिन था।  पुजारियों व पुरोहितों ने साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी, वो विरोध प्रदर्शन करेंगे और जल्द ही इस शांत विरोध प्रदर्शन को तेज़ करने की तरफ कदम उठाए जाएंगे।

kedarnath purohit sitting protest continue against devsthanam board | शांत विरोध  कर रहे केदारनाथ धाम के पुरोहितों ने दी धमकी, जल्द तेज़ होगा आंदोलन

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क्या मांगे है पुरोहितो की

केदारनाथ मंदिर के आगे बैठे इन पुरोहितों और पुजारीयों की मांग है कि उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को भंग किया जाए। चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को भंग करने को लेकर ये पुजारी मंदिर के आगे शांति विरोध कर रहे है। पुजारीयों का कहना है कि अगर सीएम ने हमारी बात नहीं मानी तो यह विरोध तेज हो जाएगा। अगर बोर्ड को भंग करने का फैसला उत्तराखंड सरकार ने नहीं लिया तो हमें कुछ अहम कदम उठाने पड़ेंगे।

उपवास कर प्रर्दशन कर रहे पुरोहित

केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज ने कहा कि विरोध प्रदर्शन को तीन दिन हो चुके हैं और आज सोमवार को इसका चौथा दिन है। देवस्थानम बोर्ड बनाकर उनके अधिकारों के साथ मजाक किया गया। अगर यह समय रहते भंग नहीं किया गया तो विरोध तेज होगा और प्रदर्शन भी ज़ारी रहेगा। समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक विरोध जताने के लिए मंदिर के पुजारी व पुरोहितों ने उपवास रखा हुआ है। इन पुरोहितों का कहना है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सीएम बनने से पहले इन्हें आश्वासन दिलाया था कि मुख्यमंत्री बनते ही वह इनकी मांगो को पूरा करेंगे। और देवस्थानम बोर्ड के बारे में पुनर्विचार करेंगे। लेकिन उन्हें इस बारे में कोई ख्याल नहीं है।

आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी

पुरोहितों ने कहा कि सीएम ने वादा निभाना तो दूर वादों के बारे में ध्यान भी नहीं किया है। पुरोहितो के साथ वादाखिलाफी की है। क्योंकि सीएम ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की बजाय उसका और विस्तार किया है। सरकार के इस तरह के कदम बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यह कहते हुए पुरोहितों ने चेतावनी दी कि बोर्ड को जल्द भंग नहीं किया गया तो विरोध जारी रहेगा।  केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के सदस्य अंकित सेमवाल ने कहा  कि अभी तो सिर्फ सांकेतिक प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को तेज़ और उग्र किया जाएगा। आंदोलन को तेज करने के लिए जल्द ही कोई कठोर कदम उठाया जाएगा।

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