Xi Jinping's Tibetan tour : शी जिनपिंग का तिब्बती दौरा, चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बना रहा विश्व का सबसे बड़ा बांध
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शी जिनपिंग का तिब्बती दौरा, चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बना रहा विश्व का सबसे बड़ा बांध

भारत और चीन के बीच सीमा का विवाद तो लंबे समय से चल रहा है। ( Xi Jinping’s Tibetan tour ) लेकिन पिछले कुछ समय से इस विवाद ने जोर पकड़ लिया। जिसमें हमारे 20 सैनिक शहीद हो गये। इसके बाद कई बड़े समझौते हुए बैठक हुई। लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उस विवाद के बाद पहली बार तिब्‍बत का दौरा करने आये है।  चीन की सरकारी संवाद एजेंसी शिन्‍हुआ के अनुसार जिनपिंग ने न्यिंगची शहर का दौरा किया जो तिब्बत का हिस्सा है। उस दौरान राष्ट्रपति जिनपिंग ने ब्रह्मपुत्र नदी का भी निरीक्षण किया। चीन यहां दुनिया का सबसे विशाल बांध बना रहा है।

Xi Jinping's Tibetan tour

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चीनी राष्‍ट्रपति का ब्रह्मपुत्र नदी दौरा ( Xi Jinping’s Tibetan tour )

बताया जा रहा है कि शी जिनपिंग ने 2011 में चीन के राष्ट्रपति का पदभार संभाला था। सत्ता ग्रहण करने के बाद शी जिनपिंग का पहला तिब्बती दौरा है। (Xi Jinping’s Tibetan tour ) बुधवार को राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग न्यिंगची के एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद चीनी राष्‍ट्रपति ने ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदी के घाटी का निरीक्षण किया। बता दें कि भारत-चीन सीमा विवाद में 3,488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) शामिल है। चीन अरुणाचल प्रदेश पर दक्षिण तिब्बत के हिस्से के रूप में अपना दावा करता है, जिसे भारत ने हमेशा ही खारिज कर दिया है। 1962 में इस को लेकर युद्ध भी हुआ था। जो आज भी विवाद का कारण है।

ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाएगा विश्व का सबसे बड़ा बांध

आपतो बता दें कि चीन ने हाल ही में पहली बार पूरी तरह बिजली से चालित बुलेट ट्रेन का परिचालन शुरू किया है। और इसी समय पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दौरा हुआ है। ( Xi Jinping’s Tibetan tour ) यह बुलेट ट्रेन राजधानी ल्‍हासा और न्यिंगची को जोड़ेगी। इसकी रफ्तार 160 क‍िमी प्रतिघंटा है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक नजरें गड़ाए बैठा चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर विश्व का सबसे बड़ा बांध बनाने जा रहा है। चीन तिब्‍बत से लेकर भारत तक बेहद पवित्र मानी जाने वाली यारलुंग त्‍सांग्‍पो या ब्रह्मपुत्र नदी पर 60 गीगावाट का महाकाय बांध बनाने की योजना में लग गया है।

Xi Jinping's Tibetan tour

हाइड्रोपावर प्रॉजेक्‍ट पर लगा रहा पूरा जोर ( Xi Jinping’s Tibetan tour )

चीन का लक्ष्‍य वर्ष 2060 कार्बन तटस्‍थता हासिल करने का है। इसके लिए वह तिब्‍बत में हाइड्रोपावर प्रॉजेक्‍ट पर पूरा जोर लगा रहा है। इसका पर्यावरणविद विरोध करते आ रहे हैं। ( Xi Jinping’s Tibetan tour ) बता दें कि समुद्र तल से करीब 16404 फुट की ऊंचाई पर पश्चिम तिब्‍बत के ग्‍लेशियर से निकलने वाली यारलुंग त्‍सांग्‍पो या ब्रह्मपुत्र नदी दुनिया की सबसे ऊंची नदी है। ब्रह्मपुत्र नदी हिमालय के सीने को चीरते हुए पूर्वोत्‍तर भारत के रास्‍ते बांग्‍लादेश तक जाती है। चीन ने हाल ही में ब्रह्मपुत्र नदी घाटी के बीच से एक रणनीतिक रूप से बेहद अहम हाइवे का निर्माण किया है।  यह हाइवे मेडोग काउंटी को जोड़ता है जिसकी सीमा अरुणाचल प्रदेश से लगती है।

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