Loading... Please wait...

महिलाओं को एचआईवी से बचाने के लिए अनूठा प्रतिरोपण

टोरंटो। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा इम्प्लान्ट विकसित किया है जो महिलाओं के योनि मार्ग की उन कोशिकाओं की संख्या को घटा कर उन्हें एचआईवी के संक्रमण से बचाता है जिन कोशिकाओं को एचआईवी का वायरस संक्रमित कर सकता है।

एचआईवी की रोकथाम के परंपरागत उपायों में कंडोम या एचआईवी रोधी दवाएं शामिल हैं। कनाडा के वाटरलू विश्वविद्यालय के शोधार्थियों का दावा है कि इन उपायों से बिल्कुल अलग, इम्प्लान्ट में वायरस के प्रति लोगों की सामान्य प्रतिरोधक क्षमता पर जोर दिया गया है। इस इम्प्लान्ट के बारे में जानकारी ‘‘जर्नल ऑफ कंट्रोल्ड रिलीज’’ में प्रकाशित हुई है। इम्प्लान्ट में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का उपयोग किया गया है जो धीरे धीरे योनि मार्ग की नलिका की कोशिकाओं में जाता है। कोशिकाएं इसका अवशोषण कर लेती हैं।

वाटरलू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर इमैनुएल हो ने बताया ‘‘इस इम्प्लान्ट की वजह से टी कोशिकाएं संक्रमण पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देतीं जिसकी वजह से वायरस का ट्रांसमिशन भी रूक जाता है।’’ एचआईवी का वायरस टी कोशिकाओं को संक्रमित कर देता है जिसका असर शरीर पर होता है। ये टी कोशिकाएं वायरस के मानव शरीर में प्रवेश करते ही प्रतिरोधक तंत्र को सक्रिय कर देती हैं।

196 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2016 nayaindia digital pvt.ltd.
Maintained by Netleon Technologies Pvt Ltd