पंचांग 04 दिसम्बर बुधवार

शुभ विक्रम संम्वत 2076  परिधावी नाम संवत्सर ,शाके:1941 ।मु.मास-  रवि उल सानि 05 ,हेमंत ऋतू , मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष

शुभ तिथि अष्टमी जया संज्ञक तिथि रात्रि 1  बज कर 44 मिनट तक तत्पश्चात नवमी तिथि आरम्भ । अष्टमी तिथि मे यथा आवश्यक विवाह आदी , मनोरंजन ,लेखन ,प्रवेश इत्यादि कार्य शुभ रहते है ।अष्टमी तिथि मे जन्मे पुत्र या पुत्री धनवान,गुणवान,पराक्रमी होते है।अष्टमी तिथि को मास मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।

शुभ नक्षत्र शतभिषा नक्षत्र सायं 5 बजकर 9  मिनट तक तत्पश्चात पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रहेगा | शतभिषा नक्षत्र मे मुंडन ,जनेऊ ,देव प्रतिष्ठा ,वास्तु,,वाहन क्रय करना,विवाह ,व्यापर आरम्भ, बोरिंग,शिल्प ,विद्या आरम्भ इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है
चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन कुम्भ  राशि में संचार करेगा |

व्रतोत्सव – बुधाष्टमी,दुर्गाष्टमी,वाव विकलांग दिवस ,पंचक

राहुकाल – दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक

दिशाशूल – बुधवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ ,धनिया खा कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 9.41 तक लाभ अमृत का ,प्रातः 10.59 मिनट से दोपहर 12.17  मिनट तक शुभ और दोपहर 2.53 मिनट से सूर्यास्त तक चर,लाभ का चौघड़िया

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